
अमरेली, 25 अक्टूबर . गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पारंपरिक रास-गरबा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य ‘पीले पतंगिया शरदोत्सव’ का आयोजन किया गया. विधायक महेश कसवाला के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया.
परंपरा और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम वाले इस आयोजन में अत्याधुनिक साउंड सिस्टम, विशाल एलईडी स्क्रीन और विशेष दृश्य प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया. खास बात यह रही कि इस महोत्सव का आयोजन बीमार गायों के उपचार में सहयोग करने के उद्देश्य से किया गया, जिससे सांस्कृतिक उत्सव के साथ जीवदया और पशुसेवा का संदेश भी दिया गया.
कार्यक्रम में गुजरात सरकार के ऊर्जा मंत्री कौशिक वेकरिया, अमरेली के सांसद भरत सुतरिया, लाठी के विधायक जनक तलाविया और अमरेली जिला भाजपा अध्यक्ष अतुल कानाणी सहित कई गणमान्य लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे. जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और प्रतिभागियों के उत्साह से पूरा आयोजन गरबा के रंग में रंगा नजर आया.
सावरकुंडला में आयोजित पीले पतंगिया शरदोत्सव में पारंपरिक गरबा को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया गया. आयोजकों की ओर से पहली बार ड्यूल टॉप और ड्यूल बेस लाइन वाली थ्री-वे साउंड सिस्टम की विशेष व्यवस्था की गई थी. इसके अलावा 500 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और वी.जे. ऑपरेटर की व्यवस्था भी की गई, जिसने आयोजन को भव्य रूप दिया.
आधुनिक साउंड सिस्टम और आकर्षक दृश्य प्रस्तुतियों के बीच प्रतिभागियों ने पारंपरिक रास-गरबा का आनंद लिया. आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और पारंपरिक उत्सवों के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ावा देना था.
कार्यक्रम के दौरान गुजरात के ऊर्जा मंत्री कौशिक वेकरिया भी गरबा के रंग में रंगे नजर आए. उन्होंने प्रतिभागियों के साथ रास-गरबा कर आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया. विधायक महेश कसवाला ने भी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया. मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह और बढ़ गया.
ऊर्जा मंत्री कौशिक वेकरिया ने शरदोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि शरदोत्सव मनाना गुजरात की समृद्ध परंपरा का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इसी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से ‘टीम सावरकुंडला’ ने शहर में सुंदर और भव्य कार्यक्रम आयोजित किया है. अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजना सभी का कर्तव्य है. उन्होंने यह भी कहा कि विधायक महेश कसवाला सावरकुंडला क्षेत्र में लगातार सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं.
इस आयोजन की खासियत केवल इसकी भव्यता और आधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं रही. बीमार गायों के उपचार के लिए आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से पशुसेवा और जीवदया की भावना को भी प्रोत्साहित किया गया. इस पहल ने सांस्कृतिक उत्सव को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का काम किया.
विधायक महेश कसवाला ने कहा कि शरदोत्सव में बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि पीले पतंगिया का मैदान प्रतिभागियों के उत्साह से भरा हुआ है और लोग गरबा के माध्यम से मां जगदंबा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं. उनके अनुसार, सावरकुंडला के लिए यह एक अनूठा और विशेष अवसर है.
पीले पतंगिया शरदोत्सव में हजारों प्रतिभागियों की भागीदारी, जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और आधुनिक तकनीक के उपयोग ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी.
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एसएके/पीएम