
कोयंबटूर, 25 अक्टूबर . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने पाकिस्तान पर फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी की आलोचना की. उन्होंने उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की. साथ ही, 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने 1 नवंबर को रैली करने के राहुल गांधी के फैसले पर भी सवाल उठाए.
तुहिन सिन्हा ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, “पाकिस्तान का समर्थन करने वाले फारूक अब्दुल्ला के अजीबोगरीब बयान एक बार फिर उन्हें देशद्रोही साबित करते हैं. पिछले कई दशकों से, वे कभी खुलकर पाकिस्तान के पक्ष में बयान देते रहे हैं, तो कभी सत्ता में बने रहने के लिए धोखे का सहारा लेते रहे हैं. कल दिए गए उनके बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि वे हमेशा से एक देशद्रोही रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “अब, उमर अब्दुल्ला को या तो अपने पिता के बयानों की निंदा करनी चाहिए, या फिर खुलकर यह बताना चाहिए कि वे उनके साथ खड़े हैं. अगर वे अपने पिता के साथ खड़े हैं, तो मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का उनका नैतिक अधिकार खत्म हो जाता है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. दूसरी बात, नेशनल कॉन्फ्रेंस कांग्रेस पार्टी की सहयोगी है, इसलिए कांग्रेस को फारूक अब्दुल्ला द्वारा पाकिस्तान के समर्थन पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. क्या फारूक अब्दुल्ला राहुल गांधी के इशारे पर काम कर रहे हैं? राहुल गांधी अभी किसी अज्ञात जगह पर छुट्टियां मना रहे हैं, तो हो सकता है कि वे फारूक अब्दुल्ला को भारत विरोधी बयानबाजी करने के निर्देश दे रहे हों. कांग्रेस पार्टी को इन बेहद आपत्तिजनक बयानों पर अपना रुख साफ करना चाहिए.”
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर तुहिन सिन्हा ने कहा, “राहुल गांधी का यह दोहराना कि उनकी तथाकथित ‘वोट चोरी’ रैली 1 नवंबर को दिल्ली में होगी, लाखों सिख परिवारों की भावनाओं का अपमान है. इन परिवारों के दिलों में आज भी 1 नवंबर 1984 की उस त्रासदी की पीड़ा और यादें ताजा हैं, जब देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेकाबू होकर सिख समुदाय के खिलाफ नरसंहार किया था. उस समय, नए बने प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस हिंसा को यह कहकर सही ठहराया था कि ‘जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है’. आज, जब राहुल गांधी 1 नवंबर को ही रैली करने पर जोर दे रहे हैं, तो इससे कांग्रेस पार्टी के इरादों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.”
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एएसएच/एबीएम