
भोपाल, 27 अक्टूबर . मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) प्रमुख जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर देवास में कथित तौर पर नकली शराब से हुई मौतों के मामले में शराब माफिया को बचाने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि इस घटना में 20 लोग मारे गए हैं.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, “मध्य प्रदेश में सरकारी सामूहिक हत्याकांड का सिलसिला रुक नहीं रहा है. ऐसे मामलों में बड़े पैमाने पर लोगों की जान चली गई. मुरैना में अवैध जहरीली शराब पीने से लोगों की मौतें हुईं. सरकार ने सबक नहीं सीखा. फिर, सागर में जहरीली शराब से 100 से ज्यादा परिवारों के लोगों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है. इस पर जांच आयोग बैठाया गया, लेकिन उसने क्या किया, इसके बारे में किसी को पता नहीं है.”
जीतू पटवारी ने कहा, “देवास में भी 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. सरकार की ओर से इस मामले को दबाने की कोशिश की गई. कलेक्टर से मेरी बात हुई थी. उन्होंने कहा कि कोई जहर नहीं है. इस पर कलेक्टर के सार्वजनिक बयान हैं. वहां के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के बयान भी हैं.”
पटवारी ने कहा, “कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई, जिन्होंने जहरीली शराब बेची थी. अगर शराब जहरीली नहीं थी, तो उनको क्यों गिरफ्तार किया गया? इस पूरे परिदृश्य से समझा जा सकता है कि माफियाओं ने मुख्यमंत्री को जकड़ लिया है. शराब माफिया पांचवीं मंजिल से सरकार चला रहे हैं. जिस तरह की गतिविधियां सामने आई हैं, उससे देश और प्रदेशवासी चिंतित हैं. आम लोग दुखी हैं. हर जगह भ्रष्टाचार का तांडव चल रहा है.”
उन्होंने कहा, “सरकार को जगाने के लिए हम देवास जा रहे हैं. मेरी मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील है कि इस मामले में सकारात्मक दृष्टिकोण से निर्णय लेना शुरू करें. सरकार की कमियों को सुधारें. कमियों को दबाने से कुछ नहीं होगा. शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए. इस पूरे मामले को लेकर देश के गृह मंत्री को भी पत्र लिखा गया है.”
जीतू पटवारी ने कहा, “मध्य प्रदेश में इस तरह की सरकारी हत्याओं का कांग्रेस विरोध करेगी. आज हम पीड़ित परिजनों को ले जाकर कलेक्टर से सवाल-जवाब करेंगे. अवैध जहरीली शराब को लेकर राज्य सरकार को बहुत विस्तृत कार्य योजना बनाने की जरूरत है. सरकार को दृढ़ता दिखानी चाहिए. मेरी अपेक्षा है कि वे ऐसा करें, नहीं तो हम यही मानेंगे कि माफिया सरकार चला रहे हैं.”
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एसडी/एबीएम