
बेंगलुरु, 27 अक्टूबर . कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायण स्वामी ने एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई मुद्दा न मिलने से कांग्रेस एसआईआर को जबरन विवाद बना रही है, जबकि अभी तक कहीं भी कोई गंभीर दोष सामने नहीं आया है और वैध मतदाताओं के पास अभी नाम जुड़वाने का मौका है.
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायण स्वामी ने कहा, “उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए एक मुद्दा चाहिए था. केंद्र सरकार में कोई बड़ा विवाद नहीं है. भ्रष्टाचार का कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है. इसलिए कहीं न कहीं उन्हें किसी भी तरह एक मुद्दा चाहिए था. उन्होंने एसआईआर को पकड़कर पूरे देश में मुद्दा बना दिया. अभी तक अधिकांश राज्यों में एसआईआर हो चुका है, केवल तीन-चार राज्य बाकी हैं. अब तक कहीं भी कोई गंभीर दोष सामने नहीं आया है. फिर भी राहुल गांधी लगातार वोट चोरी-वोट चोरी कह रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि क्या उनका वोट चोरी हुआ? क्या किसी और का वोट चोरी हुआ? अभी तक उनके पास इसका कोई सबूत नहीं है. देने के लिए कुछ नहीं है, मगर मुद्दा लेकर लगातार कह रहे हैं कि वोट चोरी हुआ है. आखिर यह कैसे संभव है? देश के लोगों को अब यह बात समझ में आ गई है. लोगों को भ्रमित करने का यह एक अवसर उन्हें मिला है. कहने के लिए कोई ठोस बात नहीं है. Supreme Court ने भी उन्हें कई बार संकेत दिए हैं, फिर भी वे यह मुद्दा उठाए हुए हैं. चीफ जस्टिस को लेकर भी बयान दिए जा रहे हैं. वे इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और Supreme Court जा रहे हैं.
चलवाड़ी नारायण स्वामी ने कहा कि देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. कांग्रेस के शासनकाल में इंदिरा गांधी के समय आपातकाल लगाया गया था. उस समय संविधान की भावना को भी आघात पहुंचा था और पूरे देश को जैसे जेल बनाकर रखा गया था, लेकिन आज ऐसा नहीं होगा. पीएम मोदी एक मजबूत नेता हैं. पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भी उन्हें मानती है. वे देश के नेता हैं और वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं. यह बात कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है. इसी वजह से वे यह सब कर रही है.
उन्होंने कहा कि एसआईआर तो एक सामान्य प्रक्रिया है. इसमें कानून के अनुसार ही काम किया गया है. यदि किसी का नाम छूट गया है, तो वह अभी फॉर्म-6 भर सकता है. अभी भी अवसर उपलब्ध है. कोई भी वैध मतदाता बाहर न रहे, इसके लिए चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारी पूरी व्यवस्था कर रहे हैं. इसके बावजूद विरोध किया जा रहा है. जनता इसका जवाब देगी.
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए चलवाड़ी नारायण स्वामी ने कहा कि केवल मन में आशंका आ जाने से गड़बड़ी साबित नहीं हो जाती. यदि किसी का नाम छूट गया है, तो उसे जोड़ने के लिए अभी समय है. कोई भी वैध मतदाता बाहर न रहे, इसके लिए पूरी प्रक्रिया उपलब्ध है.
मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना वाले बयान के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि यदि एफआईआर दर्ज हुई है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. लेकिन जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह भी उचित नहीं है. कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो थोड़ा संयम रखती है, लेकिन सत्ता से बाहर होने पर कई बार भाषा की मर्यादा टूट जाती है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक संवैधानिक पद पर हैं. वे इस देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं. कांग्रेस अध्यक्ष केवल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं, जबकि प्रधानमंत्री पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है. आलोचना कीजिए, लेकिन मर्यादा के साथ. कटु और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किसी वरिष्ठ राजनीतिज्ञ को शोभा नहीं देता.
–
केके/वीसी