ओडिशा बाढ़ संकट: विपक्ष का सरकार पर निशाना, चक्रवात की चेतावनी के बावजूद तैयारी नहीं होने का आरोप

भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर . ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में आई भीषण बाढ़ के बीच विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्य सरकार को निशाने पर लिया. दोनों दलों ने सवाल उठाया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की पूर्व चेतावनी के बावजूद सरकार चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं कर पाई.

भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओडिशा विधानसभा में बीजेडी की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक और पार्टी के उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए.

प्रमिला मलिक ने कहा कि यदि सरकार ने पहले से आवश्यक एहतियाती कदम उठाए होते तो हालात इतने गंभीर नहीं होते. उन्होंने कहा कि जलाशयों के बेहतर प्रबंधन, समुचित जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील नदी तटबंधों की समय पर मरम्मत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी.

उन्होंने आरोप लगाया कि गंजाम और गजपति जिलों में कई नदी तटबंध अवैध बालू खनन के कारण पहले से ही कमजोर और क्षतिग्रस्त हो चुके थे, जिससे बाढ़ की स्थिति और भयावह हो गई.

मलिक ने कहा, ”भारी बारिश की संभावना की पहले से जानकारी होने के बावजूद सरकार ने एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए? बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने के बजाय सरकार अपने प्रचार-प्रसार में व्यस्त है.”

उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि बचाव कार्यों के लिए कितने हेलीकॉप्टर लगाए गए और बाढ़ पीड़ितों को वास्तव में कितनी सहायता दी गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए.

बीजेडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बाढ़ प्रबंधन और प्रभावित लोगों की सहायता के मुद्दे पर लापरवाही बरत रही है. पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह अपना लोकतांत्रिक आंदोलन और तेज करेगी.

वहीं, कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गंजाम की मौजूदा स्थिति ने आपदा प्रबंधन, समन्वय और राहत कार्यों में गंभीर कमियों को उजागर कर दिया है.

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के प्रवक्ता अभिषेक महानंदा ने कहा कि आधुनिक तकनीक, सैटेलाइट आधारित पूर्वानुमान और शुरुआती चेतावनी प्रणाली के दौर में प्रशासन किसी प्राकृतिक आपदा के प्रति तैयार न होने का बहाना नहीं बना सकता.

उन्होंने चक्रवात अर्नब को लेकर आईएमडी द्वारा जारी पूर्वानुमान और चेतावनियों के बावजूद राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए.

कांग्रेस ने मांग की कि राज्य सरकार तत्काल राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाए, नुकसान का व्यापक आकलन करे, प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा दे तथा स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता सुविधाएं और प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था जल्द बहाल करे.

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एएमटी/डीकेपी