
देहरादून, 31 अक्टूबर . उत्तराखंड विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां कमर कसने लगी हैं. पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं. उत्तरकाशी जिले की विधानसभा सीटों की स्थिति देखने के लिए 2022 में हुए पिछले चुनाव के नतीजों पर नजर डालने से सियासी उलटफेर देखने को मिला.
उत्तरकाशी जिले में विधानसभा की तीन सीटें- पुरोला (सुरक्षित), गंगोत्री और यमुनोत्री हैं. यह देश का एक अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिला है. 2022 में इस जिले की दो विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा हुआ जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की. इस बार भाजपा तीनों सीटों पर कब्जा जमानी को कोशिश में जुट गई है.
पुरोला (सुरक्षित): यह विधानसभा सीट टिहरी गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. पिछली बार (2022) में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत हुई थी. भाजपा उम्मीदवार दुर्गेश्वर लाल ने कांग्रेस उम्मीदवार मालचंद को 6,296 वोटों से हराया था. दुर्गेश्वर लाल को 27,856 वोट मिले थे. वहीं, कांग्रेस के मालचंद को 21,560 वोट मिले थे. पिछली बार यहां से तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के प्रकाश कुमार थे. उनको सिर्फ 538 वोट मिले थे.
यमुनोत्री: पिछली बार (2022) यहां के चुनाव परिणाम ने सबको चौंका दिया था क्योंकि इस सीट से पिछली बार निर्दलीय उम्मीदवार संजय डोभाल की जीत हुई थी. उन्होंने कांग्रेस के दीपक बिजलवान को 6,639 वोटों से हराया था. संजय डोभाल को 22,952 वोट मिले थे. वहीं, कांग्रेस के दीपक बिजलवान को 16,313 वोट मिले थे जबकि इस सीट पर तीसरे नंबर पर रहे भाजपा उम्मीदवार केदार सिंह रावत को 10,620 वोट मिले थे. यहां के मतदाताओं ने हर बार एक नया चेहरा चुना है. यहां के मतदाता पार्टी से ज्यादा व्यक्तिगत चेहरे और प्रभाव को देखते हैं.
गंगोत्री: यह सूबे के सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है. यह विधानसभा सीट टिहरी गढ़वाल लोकसभा के अंतर्गत आती है. पिछली बार (2022) इस सीट पर भाजपा की जीत हुई थी. भाजपा के सुरेश सिंह चौहान ने कांग्रेस के विजयपाल सिंह सजवान को 8,029 वोटों से हराया था. सुरेश सिंह चौहान को 29,619 वोट मिले थे. वहीं, कांग्रेस के विजयपाल सिंह सजवान को 21,590 वोट मिले थे जबकि तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल को 6,161 वोट मिले थे.
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एसडी/पीएम