
मुंबई, 31 अक्टूबर . बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है. अब इस मामले में 12वें आरोपी अमर सुरेश मुण्डेडिया को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसे मुंबई की सेशंस कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उसे 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.
जांच में सामने आया है कि अमर ने ऑनलाइन पैसों का लेन-देन किया था. पुलिस को शक है कि इसी पैसे का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के लिए मोटरसाइकिल खरीदने और होटल के कमरे बुक करने में किया गया था. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमर ने किसके कहने पर पैसे ट्रांसफर किए और फायरिंग की साजिश में उसकी क्या भूमिका थी.
अमर की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 12 हो गई है. उसे हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव से मुंबई पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, अमर पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी कुणाल के संपर्क में था. दोनों एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ था. पुलिस इसी कड़ी को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की घटना के लिए पैसों का इंतजाम किस तरह किया गया था.
जांच के दौरान पुलिस को अमर के बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली थी. कुणाल ने अमर के खाते में 40 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे. इसके बाद अमर ने मामले की एक अन्य आरोपी राधा के खाते में 12 हजार रुपए भेजे थे. पुलिस इन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से जुड़ी जरूरतों के लिए ऑनलाइन पैसों का इस्तेमाल किया गया था. इनमें बाइक खरीदने और होटल के कमरे बुक करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं. पुलिस अब इन पैसों के स्रोत और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटा रही है.
अमर को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद जांच एजेंसी उससे विस्तार से पूछताछ करेगी. इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 11 आरोपी भी 6 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में हैं.
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी. अभिनेता एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे, तभी बाइक सवार दो हमलावरों ने उनकी कार पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं. इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति को चोटें आई थीं. घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया.
–
पीके/वीसी