आईआईटी-बॉम्बे छात्र मौत मामला: साहिल वाकोडे के माता-पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा, स्वतंत्र जांच की मांग

पुणे, 31 अक्टूबर . भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के छात्र रहे साहिल वाकोडे के माता-पिता ने शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने आईआईटी-बॉम्बे में हुई साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है.

याचिका में आईआईटी-बॉम्बे से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों को सुरक्षित रखने, गवाहों से पूछताछ करने और मीडिया को फुटेज लीक होने के मामले की जांच करने की मांग की है. यह मामला 2 नवंबर 2026 को अदालत के समक्ष रखा जाएगा.

यह मामला आईआईटी-बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या से जुड़ा है, जो 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था. यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी.

इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक लगभग 60 लोगों के बयान दर्ज किए हैं. आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान भी दर्ज किया गया है. पूछताछ के दौरान प्रोफेसर ने कई आरोपों से इनकार किया है. इसके साथ ही दावा किया है कि उन्होंने साहिल को नकल करते हुए देखने पर सिर्फ परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा था.

साहिल के माता-पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रोफेसर डूला ने साहिल को प्रताड़ित किया था. इसी आरोप को लेकर क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर से साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उसके साथ हुई बातचीत से जुड़े सवाल पूछे, जिसमें प्रोफेसर डूला ने बताया कि उन्होंने साहिल को परीक्षा के दौरान फोन इस्तेमाल करते देखा तो साहिल ने उसे छिपाने की कोशिश की. डूला ने कहा कि उन्होंने उससे कुछ नहीं कहा और बस साहिल का परीक्षा पेपर लेकर उसे परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा.

–

डीके/वीसी