गाजीपुर के डीएम अनुपम शुक्ला बोले-जनगणना को नागरिकता से न जोड़ें, 15 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना

गाजीपुर, 31 अक्टूबर . गाजीपुर के डीएम अनुपम शुक्ला ने जनगणना को लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए कहा कि यह हेड काउंट का कार्य है, इसका नागरिकता से कोई संबंध नहीं है. सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को बेहतर बनाने के लिए यह डेटा लिया जाता है. उन्होंने बताया कि 15 से 30 नवंबर तक स्व-गणना और 1 दिसंबर से घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी. छठ पर्व पर सुरक्षा को लेकर डीएम ने बताया कि सभी महत्वपूर्ण गंगा घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर, बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती की जाएगी, ताकि डूबने की घटनाओं को रोका जा सके.

गाजीपुर के वर्तमान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा, जनगणना का कार्य एक राष्ट्रीय कार्य है और यह सेंसस एक्ट के अंतर्गत कराया जाता है. वर्तमान में गणनाकारों की ट्रेनिंग का कार्यक्रम हर तहसील में चल रहा है. इसके बाद 15 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना का कार्य होगा और फिर 1 दिसंबर से अगले एक माह तक हाउस-टू-हाउस विजिट की जाएगी.

उन्होंने कहा कि मेरा जनपद गाजीपुर की समस्त जनता से यही आग्रह है कि यह कार्यक्रम हेड काउंट का कार्यक्रम है. इसे किसी भी प्रकार से नागरिकता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. यह केवल जनगणना का कार्य है, जिससे सरकार अपनी आर्थिक और सामाजिक नीतियों को बेहतर ढंग से बना सके.

डीएम ने कहा कि इसलिए यह आवश्यक है कि सभी लोगों को इसकी सही जानकारी हो. हमने सभी एन्यूमरेटरों को निर्देश दिए हैं कि वे जहां भी जाएं, जनता को इसकी समुचित जानकारी दें. इसमें सामाजिक और आर्थिक संकेतकों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाती है, जैसे व्यक्ति कौन-सा व्यवसाय करता है, आय के स्रोत क्या हैं, मकान पक्का है या कच्चा है आदि. इन जानकारियों के आधार पर सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार कर पाती है.

इस दौरान अपने दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि जो प्रशिक्षण कार्यक्रम है, वह पूरे दिन चलता है. उसमें भोजन और पानी की व्यवस्था रहती है. व्यवस्थाएं बेहतर हैं या नहीं, इसका निरीक्षण करने के लिए हमने वहां का दौरा किया था.

छठ को लेकर तैयारियों और लोगों की शिकायतों पर डीएम अनुपम शुक्ला ने कहा कि छठ को लेकर हम सभी लोग तैयारी कर रहे हैं. आज भी हमने सभी नाविकों और गोताखोरों के साथ बैठक की है. हाल ही में आपने देखा होगा कि डूबने के कारण कुछ लोगों की मृत्यु हुई थी. पिछले वर्ष भी लगभग आठ लोगों की मृत्यु हुई थी. इसलिए हमने निर्णय लिया है कि सभी महत्वपूर्ण घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर के साथ-साथ बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी.

उन्होंने कहा कि गोताखोरों के मोबाइल नंबर भी संबंधित स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे. साथ ही, जिन महत्वपूर्ण घाटों पर अधिक संख्या में लोग आते हैं, वहां स्थायी रूप से गोताखोरों की तैनाती की जाएगी, ताकि यदि कोई व्यक्ति पानी में डूबता है तो उसे तत्काल राहत और बचाव सहायता दी जा सके.

गाजीपुर डीएम ने कहा कि देखने में यह भी आया है कि कई बार बचाव दल को पहुंचने में समय लग जाता है, जिसके कारण लोगों की जान नहीं बच पाती. ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. जनपद गाजीपुर में लगभग 95 किलोमीटर तक गंगा नदी बहती है, इसलिए सुरक्षा की समुचित व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है. छठ पर्व के दृष्टिगत भी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है. जहां-जहां भी नुकसान हुआ है, वहां उनकी मरम्मत और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

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केके/वीसी