पश्चिम बंगाल के समसेरगंज एनकाउंटर की जांच के लिए 5 सदस्यीय एसआईटी गठित

कोलकाता, 4 नवंबर . पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुर्शिदाबाद के समसेरगंज में 27 अक्टूबर की दोपहर हुए एनकाउंटर में मारे गए हत्या के आरोपी समीउल शेख से जुड़े मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.

राज्य सरकार के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है. इसकी पुष्टि मुर्शिदाबाद रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अजीत सिंह यादव ने की. पहले एसआईटी के गठन को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई और इसके बाद पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया.

एसआईटी की अगुवाई समसेरगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी देब्येंदु तमांग करेंगे. एसआईटी के अन्य चार सदस्य स्वरूप बिस्वास, अभिजीत सरकार, निलेश चंद्र सरकार और मिथुन हलदर हैं. इनमें बिस्वास इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं, जबकि बाकी तीन सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी हैं.

पुलिस के मुताबिक, समीउल शेख स्थानीय भाजपा नेता सुजीत मंडल की हत्या के मामले में तीन आरोपियों में से एक था. उसे घटनास्थल पर क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिए ले जाया गया था, तभी उसने एस्कॉर्ट कर रहे पुलिस अधिकारी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की.

पुलिस का दावा है कि उसने एस्कॉर्ट कर रहे पुलिसकर्मियों पर कई राउंड गोलियां चलाईं, जिसके बाद मौके पर मौजूद एक इंस्पेक्टर ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें शेख की मौत हो गई.

समसेरगंज के ओल्ड डाकबंगला इलाके के निवासी और स्थानीय भाजपा नेता सुजीत मंडल 28 अगस्त को लापता हो गए थे. बाद में उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था.

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तब कहा था कि मंडल की हत्या मांस काटने वाले चाकू से की गई थी.

पुलिस ने बाद में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके नाम समीउल शेख, तजकिरा बीबी और जॉनी शेख हैं. इन तीनों में से शेख 27 अक्टूबर को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया.

इस हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही के आरोप भी लगे थे. मंडल की पत्नी सुमना मंडल ने आरोप लगाया था कि पति के लापता होने के बाद बार-बार स्थानीय थाने में जाने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली.

इस घटना के बाद कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जिसमें निलंबन, तबादले और विभागीय जांच शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने तब इसे ‘बड़ी भूल’ बताया था.

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वीकेयू/एबीएम