अमित शाह की चुनौती पर बोले उदित राज- संसद में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता

नई दिल्ली, 5 नवंबर . वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दी गई चुनौती पर कांग्रेस नेता उदित राज ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, राहुल गांधी का माइक बंद कर दिया जाता है. भाजपा घबराई हुई है. अगर बहस नहीं कर सकते तो हार मानकर सत्ता छोड़ दें.

कांग्रेस नेता उदित राज ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी को दी गई अमित शाह की चुनौती पर कहा, “संसद से बाहर भी एक दुनिया है. अमेरिका का लोकतंत्र करीब ढाई से तीन सौ साल पुराना है, जिसे सबसे परिपक्व लोकतंत्र माना जाता है और वहां राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार आमने-सामने बैठकर बहस करते हैं.”

उन्होंने कहा कि दूसरी बात, उस संसद को संसद रहने दिया है क्या? स्पीकर विपक्ष को बोलने नहीं देते. राहुल गांधी का माइक स्विच ऑफ कर देंगे, म्यूट कर देंगे और हल्ला मचा देंगे. प्रधानमंत्री जवाब तो दे नहीं सकते. वजह यह है कि वे किस चीज का जवाब देंगे? क्या दो करोड़ रोजगार दिए हैं? क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है? क्या सबको घर मिल गया? क्या काला धन बाहर से आ गया? रुपए के मुकाबले डॉलर और मजबूत हो गया और रुपया लगातार गिरता गया. तो बहस में करेंगे क्या?

कांग्रेस नेता ने कहा कि संसद में विपक्ष को बोलने नहीं देते. मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय का विद्यार्थी रहा हूं. वहां छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के बीच सार्वजनिक बहस होती थी, जहां जनता मौजूद रहती थी. सारे भाजपा वाले घबरा गए हैं. भागना है तो साफ कह दीजिए, हार मान लीजिए और सत्ता छोड़ दीजिए. राहुल गांधी को रास्ता दीजिए. अगर बहस तक नहीं कर सकते तो देश कैसे चलाएंगे?

उन्होंने कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि लाल कृष्ण आडवाणी की क्या दुर्दशा की गई? मुरली मनोहर जोशी का क्या हाल किया? सुमित्रा महाजन का क्या हाल किया? 75 वर्ष की उम्र का नियम बनाकर उन्हें किनारे कर दिया. शांता कुमार का क्या हाल है? एम. वेंकैया नायडू का क्या हाल किया? डॉ. हर्षवर्धन का क्या हाल किया? वे सब इनसे वरिष्ठ थे. पहले अपने गिरेबान में झांककर देखिए.

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी देश नहीं चला रहे हैं. वह तब देश चलाने के लिए जिम्मेदार होंगे, जब वे प्रधानमंत्री बनेंगे. अभी वे विपक्ष के नेता हैं. सरकार चलाने का काम प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं.

–

केके/डीकेपी