दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया ऊर्जा आपूर्ति स्थिर रखने पर सहमत

सोल, 30 अप्रैल . दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनयिकों ने गुरुवार को बैठक कर डीजल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी संकट से वैश्विक सप्लाई पर पड़े असर के बीच लिया गया.

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच सोल में हुई बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया. इसमें उच्चस्तरीय संपर्क, आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को शामिल किया गया.

दोनों देशों ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि इसका असर ऊर्जा, संसाधनों और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ रहा है. उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और डीजल, तरल ईंधन, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और कंडेन्सेट की स्थिर आपूर्ति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई.

संयुक्त बयान में कहा गया कि संभावित आपूर्ति बाधाओं की स्थिति में दोनों देश एक-दूसरे को जानकारी देंगे और परामर्श करेंगे. इसके अलावा, क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने, ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी.

ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया को एलएनजी का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है और कंडेन्सेट व महत्वपूर्ण खनिजों का भी प्रमुख स्रोत है. वहीं दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया को डीजल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है.

पश्चिम एशिया में फरवरी के अंत से बढ़े संघर्ष और ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है. इसके चलते वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर भी असर पड़ा है.

बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की. खासतौर पर हनवा एयरोस्पेस के ऑस्ट्रेलिया में स्थापित मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के आधार पर आगे सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. यह इकाई 2024 से जीलॉन्ग में के9 होवित्जर और के10 गोला-बारूद वाहनों का उत्पादन कर रही है.

केआर/