
चंडीगढ़, 19 मई . हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने तालाबों के प्रबंधन व रख-रखाव को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए.
सीएम नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ गंदा पानी नीचे न जमा हो, इसको भी सुनिश्चित किया जाए. सीएम ने कहा कि जिन गांवों में जोहड़ आबादी के बीच आ गए हैं, वहां उनकी सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए. तालाबों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों के गंदे पानी को सीधे तालाबों में न डाला जाए, इसके लिए थ्री-पॉन्ड सिस्टम विकसित किया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं. बड़े तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा दिया जाए, इसके लिए ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से तालाबों की बोली लगाई जाए.
बता दें कि प्रदेश में अब तक 6,777 तालाबों की सफाई का कार्य पूरा किया गया है, अन्य तालाबों की सफाई का कार्य भी प्रगति पर है.
सीएम सैनी ने एक दिन पहले विपक्ष पर निशाना साधा था. उन्होंने 18 मई को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की भर्तियों को लेकर कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) की ओर से उठाए जा रहे सवालों को ‘सिर्फ राजनीतिक स्टंट’ करार दिया था.
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस और आईएनएलडी के शासनकाल में मेरिट को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई. उस समय युवाओं और उनके अभिभावकों का सरकार से भरोसा उठ चुका था. लोगों को लगने लगा था कि केवल पढ़ाई और मेहनत से नौकरी मिलना संभव नहीं है.
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एसडी/एबीएम