पीएम मोदी ने एफएओ प्रमुख को भेंट किया बंगाल का गोविंदभोग चावल, किसानों में बढ़ा उत्साह

पूर्वी बर्धमान, 21 मई . पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में इन दिनों खुशी का माहौल है. इसकी वजह है बंगाल का मशहूर खुशबूदार गोविंदभोग चावल, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान खास तोहफे के रूप में भेंट किया. प्रधानमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर बंगाल के इस पारंपरिक चावल को पहचान दिलाने के बाद किसान और राइस मिल कारोबारी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं.

दरअसल, विदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के महानिदेशक को भारत के अलग-अलग राज्यों के खास कृषि उत्पाद भेंट किए. इन्हीं खास उपहारों में पश्चिम बंगाल का गोविंदभोग चावल भी शामिल था. जैसे ही यह खबर सामने आई, पूर्वी बर्धमान समेत कई जिलों में खुशी की लहर दौड़ गई.

गोविंदभोग चावल अपनी खुशबू और स्वाद के लिए पूरे बंगाल में काफी मशहूर है. यह छोटे दानों वाला चावल होता है और खासतौर पर पायेश (चावल की खीर), खिचड़ी और पूजा-पाठ के भोग में इस्तेमाल किया जाता है. बंगाल के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में इसका खास महत्व माना जाता है.

यह चावल मुख्य रूप से पूर्वी बर्धमान, हुगली, नदिया और बीरभूम जिलों में उगाया जाता है. खासकर पूर्वी बर्धमान के रैना-1, रैना-2 और खंडाघोष ब्लॉकों में इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है. गोविंदभोग चावल को साल 2017 में जीआई टैग भी मिल चुका है. इससे इसकी पहचान और ज्यादा मजबूत हुई.

अब्दुल मालेक, जो बंगाल राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, ने इस मौके को किसानों के लिए गर्व का पल बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर गोविंदभोग चावल को उपहार के तौर पर पेश करना पूरे बंगाल के किसानों के लिए सम्मान की बात है.

अब्दुल मालेक ने उम्मीद जताई कि इस पहल के बाद विदेशों में गोविंदभोग चावल की मांग बढ़ सकती है. इससे किसानों को इस धान की खेती के लिए और ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा. साथ ही चावल के निर्यात में भी इजाफा हो सकता है, जिसका सीधा फायदा किसानों और राइस मिल कारोबार से जुड़े लोगों को मिलेगा.

पीआईएम/एबीएम