
नई दिल्ली, 22 मई . अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर आने वाले हैं. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि रुबियो स्वीडन से भारत के लिए रवाना हो गए हैं.
अमेरिकी विदेश सचिव पहले स्वीडन गए और वहां से अब भारत आ रहे हैं. रुबियो का यह पहला भारत दौरा है. सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, “अभी अमेरिकी विदेश सचिव रुबियो का फोन आया, वे अभी भारत के लिए निकल रहे हैं. इस जरूरी दौरे के लिए उत्साहित हूं.”
विदेश मंत्रालय ने रुबियो के चार दिवसीय भारत दौरे का शेड्यूल जारी किया है. इसके अनुसार, मार्को रुबियो शनिवार 23 मई 2026 को सुबह 7 बजे कोलकाता पहुंचेंगे. इसके बाद 1 बजकर 15 बजे दिल्ली पहुंचेंगे. दोपहर दो बजे उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी.
रविवार 24 मई 2026 को सुबह 11.30 बजे वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मीटिंग करेंगे.
रुबियो 6 बजकर 20 मिनट पर अमेरिकी दूतावास में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे. अगले दिन सोमवार 25 मई को सुबह 9 बजे आगरा के कार्यक्रम में शामिल होंगे. फिर दोपहर 1 बजे जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे.
अपने दौरे के आखिरी दिन मंगलवार (26 मई) को सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर अमेरिकी विदेश सचिव राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचेंगे. फिर सुबह साढ़े आठ बजे फैमिली फोटो में शामिल होंगे.
फिर सुबह 9 बजे हैदराबाद हाउस में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होंगे. फिर 9 बजकर 50 मिनट पर प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा. इसके बाद 11 बजे अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो अमेरिका के लिए रवाना हो जाएंगे.
अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा क्वाड पार्टनरशिप के महत्व को रेखांकित करती है. दूतावास ने लिखा, “मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए एकजुट. क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं के विविधीकरण तक मार्को रुबियो की भारत यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को दर्शाती है.”
विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं. इसका उद्देश्य वैश्विक भलाई के लिए सहयोग करना और एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी, समृद्ध तथा लचीला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करना है.
भारत 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा. विदेश मंत्री के निमंत्रण पर मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री तोसीमित्सु मोतेगी बैठक में शामिल होने के लिए भारत आएंगे.
भारत यात्रा से पहले रुबियो ने कहा कि अमेरिका नई दिल्ली के साथ ऊर्जा संबंधों का विस्तार करना चाहता है और क्वाड के जरिए समन्वय को और मजबूत करना चाहता है. उन्होंने भारत को “महान सहयोगी” और “महान साझेदार” बताया.
मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच अमेरिका भारत को अधिक ऊर्जा निर्यात करने के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा, “हम भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए, उतनी बेचने के इच्छुक हैं. अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है और हम इसे और बढ़ाना चाहते हैं.”
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केके/वीसी