
चेन्नई, 23 मई . कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची की अपहरण के बाद हत्या का मामला तमिलनाडु में चर्चा का विषय बना हुआ है. पूरे प्रदेश में बच्ची की मौत के बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है. कोयंबटूर की घटना पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बयान जारी कर शोक जताया है.
मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “कल कोयंबटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुई क्रूर घटना ने गहरा दुख और सदमा पहुंचाया है. ऐसे अमानवीय और अक्षम्य आपराधिक कृत्यों को हमारे समाज में कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता. मैं बच्ची के परिवार और परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जो अपनी प्रिय संतान के खोने के गम में डूबे हुए हैं.”
मुख्यमंत्री ने लिखा, “इस मामले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मैंने पुलिस को गहन और त्वरित जांच करने और मामले में तत्काल आरोपपत्र दाखिल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है. तमिलनाडु सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे जघन्य कृत्यों में शामिल लोगों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है. इस संबंध में सभी तत्काल और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.”
इसके पहले पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपतकुमार ने कोयंबटूर ईएसआई अस्पताल में 10 वर्षीय बच्ची के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. मंत्री ने कहा कि बच्ची की हत्या की सूचना मिलते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परामर्श किया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही यह घटना घटित हो गई. उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच में तेजी लाई जाएगी और उन्होंने अधिकारियों से तत्काल आरोपपत्र दाखिल करने का आग्रह किया है.
गौरतलब है कि कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची दो दिन पहले लापता हो गई थी. बच्ची का शव शुक्रवार की शाम सुलूर इलाके के कन्नमपालयम टैंक के पास मिला. बच्ची के चाचा पलानीसामी ने बताया कि उनका परिवार कोलाथुर का रहने वाला है. रात में सूचना मिली कि बच्ची दो दिन पहले शाम को एक दुकान से लौटने के बाद लापता हो गई थी. यहां पहुंचने के बाद पता चला कि उसका अपहरण किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई. मोहन और कार्तिक नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
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