छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में आईईडी बरामद कर सुरक्षा बलों ने माओवादियों की साजिश नाकाम की

दंतेवाड़ा, 23 मई . छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली. दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के हिडपाल गांव के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने करीब 5 किलो वजनी प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया और फिर उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया. समय रहते इस विस्फोटक को नष्ट किए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादियों ने इस आईईडी को सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और इलाके में डर का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से जंगल में छिपाकर रखा था. यदि यह विस्फोटक फट जाता तो सुरक्षा जवानों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी.

शनिवार को मिली खुफिया सूचना के आधार पर जिला पुलिस, ‘यंग प्लाटून’ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 195वीं बटालियन की बम निरोधक टीम ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया. यह सर्च ऑपरेशन सुबह करीब 5 बजे सेकंड-इन-कमांड विक्रांत वर्मा और असिस्टेंट कमांडेंट संजीव कुमार यादव के मार्गदर्शन में शुरू हुआ.

सुरक्षा बलों की टीम पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाके में बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ी. जवान उन क्षेत्रों में विशेष रूप से तलाश कर रहे थे, जहां नक्सलियों की मौजूदगी और विस्फोटक छिपाए जाने की आशंका थी.

करीब सुबह 8:20 बजे तलाशी अभियान के दौरान जवानों को जंगल में एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. खतरे को भांपते हुए जवानों ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया. जांच में पता चला कि वह एक प्रेशर कुकर आईईडी था.

इसके बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) ने तकनीकी प्रक्रिया अपनाते हुए मौके पर ही विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई.

आईईडी नष्ट करने के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया, ताकि किसी अन्य विस्फोटक की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके. इस अभियान में किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है.

वीकेयू/डीकेपी