‘तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों को ज्यादा रोजगार मिला’, चारधाम यात्रा पर बोले उत्तराखंड के मंत्री

रुद्रप्रयाग, 23 मई . उत्तराखंड में इस बार चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. राज्य सरकार के मुताबिक, इस साल उम्मीद से कहीं ज्यादा श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचे हैं, जिससे पर्यटन क्षेत्र को बड़ा फायदा हुआ है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बढ़े हैं.

उत्तराखंड सरकार में मंत्री भारत सिंह चौधरी ने शनिवार को कहा कि इस बार चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या सरकार की अपेक्षाओं से भी ज्यादा रही है. उन्होंने कहा कि बढ़ती संख्या का सकारात्मक असर राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है.

चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में मानी जाती है. इसमें श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन करते हैं. इस बार इन चारों धामों में भक्तों की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है.

मंत्री भरत सिंह चौधरी ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस, प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) समेत सभी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं, जिससे कई जगह भीड़ बढ़ी है, लेकिन अब तक कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. इससे साफ है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.

मंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है. खासतौर पर गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है.

उन्होंने कहा कि यात्रियों के साथ-साथ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले जानवरों के लिए भी पानी और चारे की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके.

सरकार के अनुसार, कई दिनों में एक दिन में करीब 80 हजार श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं. यात्रा समिति के आंकड़ों के मुताबिक, 14 मई तक कुल 12.62 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं.

इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खोले गए थे, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट 22 और 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए.

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