बिहार कृषि विश्वविद्यालय में आंधी का कहर, कुलपति ने नुकसान का लिया जायजा

पटना, 26 मई . देर रात आई भीषण आंधी एवं तेज हवाओं ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भारी तबाही मचा दी. तेज तूफान के कारण विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक स्तर पर नुकसान देखा गया है. इसी को लेकर कुलपति डॉ डीआर सिंह के आवास सहित पूरे परिसर में छोटे-बड़े सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए, जिससे कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं.

आंधी का सबसे अधिक असर विश्वविद्यालय के आम बागानों पर पड़ा है. तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में आम के पेड़ जड़ से उखड़ गए तथा वर्षों से विकसित पूरा बागान लगभग नष्ट हो गया है. इससे विश्वविद्यालय में चल रहे फल अनुसंधान कार्यों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

तूफान के कारण विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित सभी पॉलीहाउस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. वहीं, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय भवनों, फार्म क्षेत्र, मंदिर एवं अन्य कई संरचनाओं पर पेड़ गिरने से भारी क्षति पहुंची है. कई स्थानों पर भवनों की छतों पर लगी टिन एवं चादरें तेज हवा में उड़कर दूर-दराज क्षेत्रों में जा गिरीं. विशेष रूप से बीज निदेशालय, कुलपति आवास, विभिन्न फार्म इकाइयों एवं अन्य भवनों में व्यापक नुकसान की सूचना है.

पेड़ों के गिरने से विश्वविद्यालय परिसर के अधिकांश मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है. विद्युत आपूर्ति भी देर रात से ठप है. कुलपति ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल बिजली सेवा बहाल करने तथा मार्गों से गिरे पेड़ों को हटाने का निर्देश दिया है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुलपति ने तत्काल कई समितियों का गठन किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेंगी. कुलपति स्वयं समिति सदस्यों के साथ विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचे और क्षति की जानकारी ली.

प्रथम दृष्टया निरीक्षण में विश्वविद्यालय को करोड़ों रुपए की क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्बहाली कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है, ताकि शैक्षणिक, अनुसंधान एवं कृषि गतिविधियों को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके.

उन्होंने कहा, “देर रात आई भीषण आंधी ने विश्वविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है. विशेष रूप से अनुसंधान फार्म, आम बागान, पॉलीहाउस एवं कई भवन प्रभावित हुए हैं. हमने तत्काल विभिन्न समितियों का गठन कर नुकसान के आकलन एवं पुनर्बहाली कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है. हमारी प्राथमिकता विद्युत आपूर्ति बहाल करना, रास्तों को साफ कराना तथा अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों को शीघ्र सामान्य करना है. विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है.”

डीके/डीकेपी