
नई दिल्ली, 27 मई . ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर टॉम मूडी का मानना है कि गुजरात टाइटंस (जीटी) के गेंदबाजी अटैक का अंदाजा फ्लैट बल्लेबाजी पिच पर लगाया जा सकता है. यह एक ऐसी कमजोरी है जिसका फायदा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने आईपीएल 2026 के क्वालीफायर 1 में उठाया.
टॉम मूडी ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के टाइमआउट शो के दौरान कहा, “गुजरात का बॉलिंग अटैक तब अच्छा करता है जब कंडीशन मूवमेंट देती हैं, लेकिन उन पिचों पर बुरी तरह संघर्ष करता है जहां तेज गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद होती है. जब कंडीशन उनके पसंद की नहीं होती हैं तो उनका अंदाजा लगाना उन्हें नुकसान पहुंचाता है.”
उन्होंने कहा, “गुजरात की तेज गेंदबाजी जिसमें मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा हैं, तब खतरनाक हो जाती है जब सीम मूवमेंट या स्विंग मिलती है. जब पिच में मूवमेंट होता है, तो सिराज और रबाडा का सामना करना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि वे हार्ड लेंथ पर हिट करते हैं और बल्ले के अंदर और बाहर दोनों जगह दिक्कतें पैदा करते हैं, लेकिन फ्लैट पिच पर, वे कमजोर हो जाते हैं क्योंकि उनके पास बहुत विविधता नहीं होती.”
मूडी ने बताया कि गुजरात के पास ऐसे गेंदबाजों की कमी थी जिनकी गेंदें अचानक धीमी हों या जिनकी विविधता ऐसी हो कि वे बल्लेबाजी के लिए आसान विकेट पर बल्लेबाजों को गलतियां करने पर मजबूर कर सकें. उनके पास असल में धीमी गेंद के विशेषज्ञ गेंदबाज नहीं हैं जिनकी पेस में धोखा देने वाले बदलाव हों और जो सपाट विकेट पर बल्लेबाज के मन में लगातार शक पैदा कर सकें. इसीलिए फ्लैट पिचों पर जीटी के गेंदबाज असरदार नहीं हैं.
मूडी ने जीटी की गेंदबाजी की मुश्किलों की तुलना मुश्किल पिचों पर सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) की बल्लेबाजी की दिक्कतों से की और कहा कि दोनों टीमें सफल होने के लिए खास हालात पर बहुत ज्यादा निर्भर करती हैं.
मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने कप्तान रजत पाटीदार के विस्फोटक नाबाद 33 गेंदों पर बनाए 93 रन की मदद से 5 विकेट पर 254 रन बनाए थे. जीटी 19.3 ओवर में 162 रन पर सिमट गई और 92 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई.
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पीएके