
ऋषिकेश, 29 मई . दहेज हत्या की शिकार ट्विशा शर्मा के परिवार ने शुक्रवार को ऋषिकेश पहुंचकर गंगा नदी में उनकी अस्थियों का विसर्जन किया. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के इस शहर से ट्विशा का गहरा लगाव था.
ट्विशा ने समर्थ सिंह से शादी के कुछ महीनों बाद कथित तौर पर 12 मई को आत्महत्या कर ली. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद एम्स दिल्ली की एक टीम द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमार्टम के बाद 24 मई को उनका अंतिम संस्कार किया गया.
से बात करते हुए ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने कहा कि ऋषिकेश से उनका गहरा लगाव था. उन्होंने यहां योग क्लासेस भी ली थीं और 300 घंटे का व्यावसायिक योग प्रशिक्षण पूरा किया था.
उन्होंने याद करते हुए कहा कि उन्हें गंगा नदी के किनारे बैठना बहुत पसंद था.
नवनीधि शर्मा ने बताया कि अपनी बेटी की इच्छा का सम्मान करते हुए, उसकी अस्थियों को गंगा नदी में विसर्जित किया गया.
उन्होंने आगे कहा कि उसके सभी रिश्तेदार और दोस्त इस रस्म में शामिल होने आए हैं.
ट्विशा के पिता ने उसके ससुराल वालों, विशेषकर उसके पति और सास पर, अपने जीवन के सबसे पवित्र प्रेम को ‘नष्ट’ करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि आज मैं कहना चाहता हूं कि यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. यह तब तक जारी रहेगा जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता. अब जब सीबीआई जांच कर रही है, तो हमारी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. देखते हैं आगे क्या होता है.
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने भी यही बात दोहराई कि ऋषिकेश ट्विशा का पसंदीदा स्थान था, जो अब उसका ‘आराम स्थल’ है.
उन्होंने को बताया कि मामले में काफी महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं. नवीनतम जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने मामला अपने हाथ में ले लिया है, और आखिरकार, काम शुरू हो गया है. इसलिए, हम उस न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसके लिए हम लड़ रहे हैं.
–
एमएस/