
देहरादून, 30 मई . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तराखंड दौरे पर हैं. उन्होंने शनिवार सुबह देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की.
नितिन नवीन अपने उत्तराखंड दौरे के आखिरी दिन देहरादून में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इससे पहले, उन्होंने शनिवार सुबह टपकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए. भाजपा की राज्य इकाई के कई नेता उनके साथ उपस्थित रहे. नितिन नवीन ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की.
उत्तराखंड सरकार में मंत्री गणेश जोशी ने से बात करते हुए कहा कि आज हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का क्षण है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देहरादून के दौरे पर हैं. उन्होंने कहा, “मेरे विधानसभा क्षेत्र में पार्टी अध्यक्ष के तीन कार्यक्रम निर्धारित हैं. वे महादेव मंदिर में दर्शन के बाद बूथ कार्यकर्ता के घर में सुबह का नास्ता करेंगे. फिर बूथस्तर की बैठक में वे शामिल होंगे.”
मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए सभी कार्यकर्ता तैयार हैं. नितिन नवीन के इस दौरे से देहरादून में भाजपा कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और ताकत आई है. नितिन नवीन की अध्यक्षता में भाजपा ने पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में जीत हासिल की. असम में जीत मिली और पुडुचेरी में भी सरकार बनी है. इसी तरह हमें पूरी उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में 2027 में उत्तराखंड में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी.
इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को ऋषिकेश में हुई पावन गंगा आरती में सम्मिलित होकर मां गंगा की आराधना की. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “ऋषिकेश में मां गंगा की दिव्य आरती में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. मां गंगा की अविरल और निर्मल धारा भारतीय आस्था, संस्कृति और जीवनधारा की पावन प्रतीक है, जो सदियों से राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना को प्रवाहित करती आ रही है. इस पावन अवसर पर मां गंगा से राष्ट्र की उन्नति, समाज की समृद्धि एवं प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना की.”
वहीं, नितिन नवीन ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन का भी दौरा किया और संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “संत समाज भारत की सनातन चेतना का जीवंत स्वरूप है, जिसने सदैव समाज को दिशा देने, राष्ट्र की आत्मा को जागृत रखने और संस्कृति की अखंड धारा को प्रवाहित करने का कार्य किया है.”
–
डीसीएच/