बंगाल हिंसा पर सियासत तेज, कपिल सिब्बल के बयान पर भाजपा का पलटवार

दिल्ली, 1 जून . पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घटनाओं को शर्मनाक बताए जाने के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है. भाजपा नेताओं का कहना है कि टीएमसी नेताओं के खिलाफ जनता में नाराजगी है, जबकि कपिल सिब्बल के बयान को देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान बताया.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कपिल सिब्बल को लेकर कहा कि उनका बयान देश विरोधी है और देश की जनता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है. इस बयान में जनता द्वारा बार-बार ठुकराए जाने का असर दिखाई देता है. जिस देश ने आपको नेता, मंत्री, सांसद और अधिवक्ता बनाया, उसी देश का आप अपमान कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सत्ता परिवर्तन भी लोकतांत्रिक तरीकों से होता है, “खेला होबे” से नहीं. हर नागरिक को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है, लेकिन देश को बदनाम करने वाले ऐसे बयान कपिल सिब्बल सहित विपक्ष के नेताओं की मानसिकता को उजागर करते हैं. विदेशी टूलकिट के हिसाब से राहुल गांधी के नेतृत्व में कुछ लोग देश की संस्थाओं, लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. लोकतंत्र की नींव कमजोर करने का काम कांग्रेस ने दशकों तक किया है.

उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि Supreme Court में रामजन्मभूमि का फैसला रोकने और कसाब को बचाने के लिए देर रात कोर्ट खुलवाने वाले लोग आज देश को गाली दे रहे हैं. देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और कोई इसे रोक नहीं सकता. कपिल सिब्बल का बयान गैरजिम्मेदाराना है और देश का अपमान करने का प्रयास है.

वहीं, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अभिषेक बनर्जी या कल्याण बनर्जी पर हुआ हमला किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है. हम इसका विरोध करते हैं और भाजपा के कार्यकर्ता इन घटनाओं में शामिल नहीं हैं. यह जनता का गुस्सा है. उन्हें कुछ दिन एहतियात बरतनी चाहिए. सरकार सुरक्षा देगी, लेकिन पिछले 15 वर्षों में लोगों को जिस तरह परेशान किया गया, उसका प्रभाव अब दिखाई दे रहा है.

उन्होंने टीएमसी को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि उनकी हार क्यों हुई. आखिर लोगों में ऐसी क्या नाराजगी है कि वे बाहर निकलते हैं तो जनता उन पर टूट पड़ती है. भाजपा हिंसा और मारपीट के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में लोगों पर कितनी ज्यादतियां हुईं, यह किसी को याद नहीं आता. अब परिवार के किसी सदस्य के साथ जनता की नाराजगी सामने आई तो ममता बनर्जी प्रदर्शन कर रही हैं. उन्हें इसका अधिकार है, लेकिन यह भी सोचना चाहिए कि जनता उनसे नाराज क्यों है.

बता दें कि कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक बताया था और सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला हैं.

एएमटी/एएस