
नई दिल्ली, 16 जून . भारत के शीर्ष रैंक एकल खिलाड़ी सुमित नागल ने पॉज्नान चैलेंजर में अपने शुरुआती राउंड के मैच के दौरान एक विवादित अंपायरिंग कॉल के बाद टेनिस में रेफरी के स्तर की स्टैंडर्ड की आलोचना की है.
मंगलवार को सोशल मीडिया पर नागल ने लिखा, “मैं एक पॉइंट पर खेल रहा था, जहां मैं गेंद की ओर दौड़ा, जो साफ तौर पर आउट थी. मैच में एक लाइन्समैन और एक चेयर अंपायर रेफरी थे. उन दोनों में से किसी ने भी कॉल नहीं किया. इसलिए मैंने तुरंत अपना हाथ उठाया, लेकिन अंपायर का कहना है कि उन्होंने इसे नहीं देखा, जो हो सकता है, लेकिन फिर उन्होंने नीचे आकर मार्क को चेक करने से भी मना कर दिया.”
28 साल के भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि एटीपी नियमों के तहत, “एक खिलाड़ी को गेंद के बाउंस होने के बाद एक बार स्ट्राइक करने और फिर भी कॉल को चुनौती करने की इजाजत है, बशर्ते इससे खेल पर कोई असर न पड़े. नागल ने कहा कि उनकी अपील इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत है.”
उन्होंने कहा, “मुझे एक ही पॉइंट पर 3 गलत कॉल मिले, जहां कोई कॉल नहीं आया, रेफरी ने चेक करने के लिए नीचे आने से मना कर दिया, और रेफरी ने मुझे अपील करते हुए नहीं देखा. आज मैं बहुत निराश और टूटा हुआ महसूस कर रहा था क्योंकि मैं अपना बचाव भी नहीं कर सका. उसके बाद उस पॉइंट से आगे बढ़ना मेरे लिए भावनात्मक तौर पर मुश्किल था.”
नागल ने टेनिस अंपायरिंग में जवाबदेही पर भी सवाल उठाते हुए लिखा, “खिलाड़ियों को जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए सजा मिलती है, लेकिन जब हम खिलाड़ी गलती करते हैं तो हमें पैसे की सजा क्यों मिलती है, और चेयर अंपायरों को क्यों नहीं? खिलाड़ियों पर पैसे कमाने के लिए जीतने का अतिरिक्त दबाव होता है. अंपायरों पर तुलना में कम दबाव होता है क्योंकि उन्हें पैसे पाने के लिए जीतने की जरूरत नहीं होती.”
एसोसिएशन ऑफ टेनिस प्रोफेशनल्स (एटीपी) और इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) से बदलाव लागू करने की अपील करते हुए, भारतीय स्टार ने चैलेंजर मैचों में अंपायरों पर कम निर्भर रहने और तकनीक का प्रयोग करने की मांग की.
नागल ने अंत में लिखा, “मैं एटीपी/आईटीएफ से विनम्रता से अनुरोध करता हूं कि वे ऐसा बदलाव करें जिससे हम खिलाड़ी भी अपना बचाव कर सकें. मेरा मानना है कि 2026 में, जब आप तकनीक का फायदा उठा सकते हैं, तो मैच सिर्फ रेफरी पर निर्भर नहीं होने चाहिए.”
–
पीएके