
शिमला, 16 जून . हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को सचिवालय के पास दृष्टिहीन संघ के लोग लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम किया, जिसकी वजह से यातायात भी प्रभावित रहा.
से बात करते हुए ब्लाइंड पीपुल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों का विरोध प्रदर्शन 976 दिनों से जारी है. वे बैकलॉग पदों को भरने और दिव्यांगजनों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.
राजेश ठाकुर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खु सरकार की ओर से तरह-तरह की योजनाएं बनाकर दिव्यांग समाज को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बैकलॉग पदों को भरा जाए, जिससे कि हम अपनी रोजी-रोटी चला पाएं.
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से दिव्यांगों को सशक्त करने के लिए बनाई गई ‘सहारा योजना’ को बीते 12 महीने से बंद पड़ी है. प्रदेश सरकार से हमारी मांग है कि तत्काल प्रभाव से ‘सहारा योजना’ को लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में दिव्यांगजनों की एक लाख 55 हजार की जनसंख्या है. कई विभागों में चतुर्थ श्रेणी का बैकलॉक बचा हुआ है. बड़े-बड़े विभागों में एक भी पद नहीं भरे गए हैं.
उन्होंने कहा कि हमारे लिए योजनाएं नहीं बनाई जा रही हैं, इसी से पता चलता है कि सरकार कितनी संवेदनहीन है. अधिकारियों और कैबिनेट मंत्रियों से मेरा कहना है कि अगर उनके घर में कोई दिव्यांग होता तो उनके लिए भी क्या यही रवैया अपनाते?
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एसडी/वीसी