
बेंगलुरु, 18 जून . कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) की सात सीटों के लिए हो रहे चुनाव के बीच भाजपा नेता एस. सुरेश कुमार ने राजनीतिक दलों से ‘रिसॉर्ट कल्चर’ खत्म करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि विधायकों को रिसॉर्ट में भेजना मतदाताओं को गलत संदेश देता है.
यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट में भेज दिया, जहां उन्हें प्रशिक्षण और मॉक वोटिंग कराई जा रही है ताकि सभी वोट सही तरीके से डाले जा सकें.
भाजपा नेता सुरेश कुमार ने समाचार एजेंसी से कहा कि भाजपा को अपने दोनों उम्मीदवारों की जीत का भरोसा है और एनडीए के तीसरे उम्मीदवार (जेडीएस) के भी सफल होने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा, “मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि इस रिसॉर्ट संस्कृति को खत्म किया जाए. इससे यह संदेश जाता है कि विधायकों पर भरोसा नहीं है और उन्हें खरीदा या प्रभावित किया जा सकता है.”
उन्होंने कहा कि भविष्य में यह प्रवृत्ति वोटरों को भी रिसॉर्ट में रखने तक जा सकती है, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं होगा.
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और कैबिनेट विस्तार में देरी के कारण असमंजस की स्थिति है, जिससे कुछ विधायकों की निष्ठा को लेकर संदेह पैदा हो रहा है.
वहीं, भाजपा नेता वाई. भरत शेट्टी ने भी कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी है. सिद्दारमैया गुट, डी.के. शिवकुमार गुट और कुछ लोग खड़गे गुट की बात भी कर रहे हैं. उन्होंने संभावना जताई कि इस वजह से क्रॉस वोटिंग हो सकती है.
कर्नाटक में विधानसभा कोटे की 7 विधान परिषद सीटों के लिए मतदान 18 जून को आयोजित किया जा रहा है. यह चुनाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संख्याबल के साथ-साथ क्रॉस-वोटिंग और प्राथमिकता वोटों की रणनीति भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है.
मतदान की प्रक्रिया बेंगलुरु स्थित विधानसभा में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी. इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी. इस चुनाव में कुल 7 सीटों के लिए 8 उम्मीदवार मैदान में हैं.
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एसएके/वीसी