
नई दिल्ली, 21 जून . केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका इस हफ्ते मंत्रियों के स्तर पर व्यापार वार्ता करेंगे. दोनों देश अगले महीने टैरिफ से जुड़ी एक अहम समय-सीमा से पहले प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं.
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचेंगे. इस दौरान उनकी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ व्यापार संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी.
पीयूष गोयल ने पत्रकारों से कहा, “अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कल मेरे समकक्ष दिल्ली आ रहे हैं.”
हाल ही में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि दोनों मंत्रियों के बीच होने वाली चर्चा का मुख्य उद्देश्य अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देना होगा. साथ ही व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी.
इस महीने की शुरुआत में गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े सभी लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया था कि बीटीए का पहला चरण अगले महीने के मध्य तक पूरा किया जा सकता है.
भारत-अमेरिका के बीच आगामी व्यापार वार्ता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अमेरिका द्वारा अपने सभी व्यापारिक साझेदारों पर लगाया गया 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ 24 जुलाई को समाप्त होने वाला है.
अमेरिकी प्रशासन ने फरवरी में इस अस्थायी टैरिफ की घोषणा की थी. यह शुल्क ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ शुल्क दरों के अतिरिक्त लगाया गया है. 150 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद वॉशिंगटन संशोधित टैरिफ व्यवस्था लागू कर सकता है.
इससे पहले 2 से 4 जून के बीच नई दिल्ली में दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के स्तर पर बैठक हुई थी, जिसमें प्रस्तावित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई थी.
इसके अलावा, यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत भारत सहित कई देशों के खिलाफ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और श्रम संबंधी प्रथाओं को लेकर जांच शुरू कर रखी है.
जून में यूएसटीआर ने आपूर्ति श्रृंखला में कथित जबरन श्रम से जुड़ी चिंताओं के आधार पर भारत सहित कई देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी रखा था. हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है.
उम्मीद की जा रही है कि इस सप्ताह होने वाली मंत्री-स्तरीय वार्ता से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं को नई गति मिलेगी और दोनों देश प्रस्तावित व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के और करीब पहुंचेंगे.
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एबीएस