
बागेश्वर, 2 अगस्त . कुमाऊं की काशी कहे जाने वाले बागेश्वर में कांवड़ यात्रा की शुरुआत के साथ पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया. गरुड़ से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मार्कंडेय घाट पर सरयू नदी से पवित्र जल लिया और चक्रेश्वर महादेव मंदिर तक 22 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की.
मार्कंडेय घाट से शुरू हुई इस यात्रा में संत निरंजन महाराज के सानिध्य में कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ भक्तों का जत्था पैदल चक्रेश्वर धाम की ओर रवाना हुआ.
एक कांवड़िये ने से बताया, “हमारे महाराज निरंजन के सानिध्य में यह 12 सालों का संकल्प है. हम 12 साल तक सरयू नदी से जल लेकर चक्रेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे. कल सावन का तीसरा सोमवार है. हर साल हम सावन के तीसरे सोमवार को जल चढ़ाते हैं. आज हम करीब 73 से लेकर 80 लोग आए हुए हैं.”
उन्होंने बताया, “पहले हम बाबा बागनाथ में जल चढ़ाएंगे. उसके बाद बैजनाथ में शिवजी के मंदिर में जल चढ़ेगा. कल सुबह चक्रेश्वर महादेव में जल चढ़ाया जाएगा. वहां रुद्राभिषेक के साथ जलाभिषेक किया जाएगा.”
एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि चक्रेश्वर मंदिर गोमती नदी और घाटी के बीच में बसा हुआ है. उन्होंने कहा, “2018 से हमने इस कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया था. सारे भक्त जल लेकर जाएंगे. शाम को बैजनाथ में जलाभिषेक होगा, उसके बाद चक्रेश्वर में जलाभिषेक होगा. शाम में भजन संध्या होगी. एक भंडारे का भी आयोजन है. सोमवार को भोलेनाथ को जलाभिषेक करेंगे.”
यात्रा में शामिल एक अन्य कांवड़ी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा, “कल प्रातः 4 बजे जलाभिषेक किया जाएगा. हम सरयू नदी से गंगाजल उठाते हैं. उसके पश्चात पहले बागनाथ जी का जलाभिषेक करते हैं, उसके बाद बाबा बैजनाथ जी को जल चढ़ाते हैं. उसके पश्चात चक्रेश्वर महादेव के पास पहुंचते हैं. वहां बाबा जी का जलाभिषेक सोमवार सुबह होता है. वहीं, शाम के समय भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होता है.”
कांवड़ियों के साथ ढोल-नगाड़े और भजन मंडलियां भी चल रही हैं. रास्ते भर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और उन्हें जलपान कराया. प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
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एससीएच/पीएम