झीरम घाटी मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए, तभी सच सामने आएगा : टीएस सिंह देव

रायपुर, 9 सितंबर . छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने झीराम घाटी मामले में एनआईए अदालत के फैसले, नए राम मंदिर के सीईओ, कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर ‘डमी’ वाली टिप्पणी, आरएसएस के वैश्विक एकता के आह्वान और विश्व हिंदू परिषद के तिलक शासन सहित अन्य मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए.

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में झीराम घाटी मामले में एनआईए अदालत के फैसले पर टिप्पणी की. उनके मुताबिक, सच्चाई सामने है. घटना क्यों घटने दी गई. इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए तभी चलकर आगे की तस्वीर साफ हो पाएगी.

टीएस सिंह देव ने राम मंदिर के नए सीईओ के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि बहुत जल्द ही सच सामने आएगी. उन्होंने कहा कि अब क्या सच सामने आएगी. सच्चाई सामने है. राम मंदिर के चढ़ावे में घपलेबाजी में हुई है, आज की तारीख में यह सच्चाई सामने आ चुकी है. दुर्भाग्य की बात है कि अब तक पूरी बातों को पेश नहीं किया गया है.

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सीएम डीके शिवकुमार को डमी सीएम बताया है, इस पर भी टीएस सिंह देव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जहां तक मैं कर्नाटक के सीएम के बारे में जानता हूं, वो बहुत ही कारगर सीएम हैं, जो लोगों के हितों के बारे में सोचते हैं, उनके कल्याण के लिए कई तरह के फैसले लेते हैं. राजनीति में ऐसा व्यक्ति कभी नहीं हो सकता है. वो फ्रंटफुट पर खेलने वाले राजनेताओं में से एक हैं.

छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने विश्व हिंदू परिषद के उस बयान पर भी अपना पक्ष रखा, जिसमें कहा गया है कि गरबा में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. साथ ही, उनके लिए तिलक लगाना भी अनिवार्य होगा.

टीएस सिंह देव ने कहा कि अब इस पर क्या ही टिप्पणी कर सकते हैं. आज की तारीख में यह उनकी सच्चाई बन चुकी है. आपको अपनी विचारधारा व्यक्त करने से कौन रोक रहा है. संविधान और दायरे में रहकर अगर आपको कोई बात कहनी है, तो आप कह सकते हैं. आपको ऐसा करने से कौन रोक रहा है. आप यहां कुछ और कह रहे हैं और विदेश में कुछ और तो इस तरह की स्थिति को तो बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता.

हल्द्वानी प्रकरण मामले में भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है. इस पर टीएस सिंह देव ने कहा कि बिल्कुल इस तरह के मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. यह निंदनीय प्रकरण है.

टीएस सिंह देव ने राज्य में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले पर भी अपना पक्ष रखा. उनके मुताबिक, इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग पर पूरी तरह से सवाल नहीं उठा सकते हैं. स्वाइन फ्लू के मामले पूरे देश में बढ़ रहे हैं. दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े हैं. अब यहां भी बढ़ रहे हैं. हालांकि चिकित्सकों ने साफ कर दिया है कि यह ज्यादा खतरनाक नहीं है. पहले के स्वाइन फ्लू में मौत की आशंका ज्यादा रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

उधर, उन्होंने कांग्रेस प्रमुख के प्रशिक्षण पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की नई कार्यशैली है. इससे पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष का प्रशिक्षण हुआ था. अब ब्लॉक अध्यक्ष का प्रशिक्षण होना है. 30 तारीख को जगदलपुर में प्रशिक्षण था. अब दुर्ग में है. इस तरह के कई जगहों पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. मैं इस प्रक्रिया को चुनाव से जोड़कर नहीं देख रहा हूं. जो मुद्दे समय-समय पर सामने आते हैं, उसे लोगों के बीच में कैसे प्रस्तुत किया जाए, इस विषय को प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा.

उन्होंने जंगलराज के खत्म होने के दावे पर भी अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि जिन नक्सलियों ने हथियार डाले हैं, उन्होंने साफ कर दिया है कि वो नक्सली विचारधारा के तहत अनवरत काम करते रहेंगे. हमने सिर्फ हथियार डालने का काम किया है. हमने सिर्फ हथियार जमा कर दिए हैं, लेकिन हम अपनी सोच पर कायम रहेंगे. ऐसी स्थिति में नक्सलवाद के समाप्त होने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. हमें यह देखना होगा कि यह हिंसक स्वरूप न लें और सरकार को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा. हमें सतर्क रहना होगा कि आगे चलकर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो.

उन्होंने उस बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं अगला चुनाव लडूंगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है. इस पर उन्होंने रिएक्शन देते हुए कहा कि आगे क्या होगा. इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है. 2028 तो दूर है. अभी ठीक हूं.

टीएस सिंह देव ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास’ नहीं बन पा रहे थे. इसी वजह से मैं खुद को एक मंत्री के रूप में सफल महसूस नहीं कर पा रहा था. इसी वजह से मैंने कदम पीछे खींचने का फैसला किया है. अब सवाल यह है कि केंद्र सरकार संसद में कह रही है कि 9 लाख घर बने हैं, जबकि राज्य सरकार का दावा कर रही है कि 18 लाख घर बने हैं. ऐसे में पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी जानी चाहिए. जिस समय मैं मंत्री पद पर था, उस वक्त घर बनने की गति धीमी थी.

एसएचके/वीसी