डेढ़ साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, धोखाधड़ी मामले में पीड़ित व्यापारियों ने जताया उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का आभार

गांधीनगर, 12 अगस्त . गुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी के सख्त निर्देश के बाद सूरत के टेक्सटाइल कारोबारियों से 23.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने डेढ़ साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई पर टेक्सटाइल कारोबारियों ने हर्ष संघवी और सूरत पुलिस का आभार जताया.

उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सूरत के टेक्सटाइल मार्केट के परेशान ट्रेडर्स गांधीनगर कार्यालय में हर्ष संघवी से मिले थे. उन्होंने एक अन्य टेक्सटाइल्स के मालिक पर 23.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी.

आरोपी मोहम्मद जकीरिया ने 2017 में जय अंबिका टेक्सटाइल्स के मनीष पटेल, देव टेक्सटाइल्स के जय पटेल और जय साधिमा टेक्सटाइल्स के रोहित पटेल के साथ मिलकर बिजनेस शुरू किया था. ये बमरोली में हरिओम इंडस्ट्रियल सोसायटी-2 में ग्रे यार्न का बिजनेस करते थे. शुरू में समय पर भुगतान करके भरोसा जीतने के बाद मोहम्मद जकीरिया ने बड़ी मात्रा में ग्रे कपड़ा क्रेडिट पर ले लिया. आरोपियों ने ग्रेयार्न खरीदने के लिए मनीष पटेल से 13 लाख रुपए, जय पटेल से 3.80 लाख रुपए और रोहितभाई पटेल से 6.46 लाख रुपए लिए. आरोप है कि जब ​​व्यापारियों ने बकाया पैसे मांगने की कोशिश की तो उन्हें धमकाया भी गया.

इस मामले में पीड़ित व्यापारी ने सलाबतपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और कोर्ट में कानूनी कार्रवाई की गई. हालांकि, आरोपी ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए अपनी दुकान का पता बदल दिया और कोर्ट की कार्रवाई से गैरहाजिर रहा.

पुलिस लगातार जांच कर रही थी, लेकिन आरोपी बार-बार अपनी जगह बदल रहा था. पीड़ित व्यापारी मनीष पटेल ने खुद गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से मिलकर शिकायत की. उपमुख्यमंत्री ने आवेदक की बात बहुत गंभीरता से सुनी और सूरत डीसीपी क्राइम ब्रांच को सख्त और तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया.

उपमुख्यमंत्री से साफ निर्देश मिलने पर सूरत क्राइम ब्रांच डीसीपी बीपी रोजिया और उनकी टीम ने जांच तेज कर दी. पुलिस ने 7 दिनों के कम समय में डेढ़ साल से फरार आरोपी मोहम्मद जकीरिया को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करके उसे जेल भेज दिया गया.

गांधीनगर दौरे के बाद जल्दी नतीजा मिलने पर पीड़ित व्यापारी मनीष पटेल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हम कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन गांधीनगर जाकर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के सामने मामला रखने के बाद, जिस तरह उन्होंने तुरंत सख्त आदेश दिए और क्राइम ब्रांच को सक्रिय किया, उससे गांधीनगर में हमारी कोशिश पूरी तरह रंग लाई है. उपमुख्यमंत्री और सूरत पुलिस की इस जल्दी कार्रवाई से हमें इंसाफ मिला है. टेक्सटाइल सेक्टर के दूसरे व्यापारियों से भी अनुरोध है कि वे बिना घबराए पुलिस और सरकार से संपर्क करें, सिस्टम पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है.”

डीसीएच/