आगर मालवा-नलखेड़ा कार हादसा : आठ मौतों के बाद बगलामुखी मंदिर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 12 अस्थायी कर्मचारी हटाए

आगर मालवा, 26 सितंबर . मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में हुए भीषण कार हादसे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. मां बगलामुखी मंदिर प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था में लगे 12 अस्थायी कर्मचारियों को हटा दिया है. इस घटना से नाराज नलखेड़ा नगरवासियों ने जवाबदेह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार से अनिश्चितकालीन नगर बंद का आह्वान किया है.

दरअसल, 19 सितंबर को नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के समीप एक दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी. सभी लोग मां बगलामुखी के दर्शन के लिए आए थे. मंदिर के पास स्थित बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार तेज बहाव में बह गई थी.

मिली जानकारी के अनुसार, कार में सवार 7 लोग ओडिशा के निवासी थे, जिन्होंने उज्जैन से कार किराए पर ली थी. चालक को पानी के बहाव का अंदाजा नहीं था और उसने नाले को पार करने की कोशिश की. इसी दौरान कार पानी के तेज बहाव के साथ नाले में समा गई.

शनिवार सुबह जब पानी उतरा, तो राहगीरों ने नाले में कार को देखा और पुलिस को सूचना दी. राहत और बचाव कार्य के दौरान कार के अंदर से 8 शव निकाले गए, जिनमें 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल थे.

हादसे के बाद मंदिर प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था में लगे 12 अस्थायी कर्मचारियों को हटाकर कड़ी कार्रवाई की है, लेकिन इस कार्रवाई पर ही सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुआ. नाले पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड था, न ही बैरिकेडिंग और न ही सुरक्षा कर्मी तैनात थे.

ऐसे में सिर्फ अस्थायी कर्मचारियों को हटाना जिम्मेदारी से बचने जैसा है. नगरवासियों की मांग है कि इस मामले में जवाबदेह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए.

घटना से आक्रोशित नलखेड़ा के लोगों ने रविवार से अनिश्चितकालीन नगर बंद का ऐलान किया है. लोगों का कहना है कि हर साल लाखों श्रद्धालु बगलामुखी मंदिर आते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था तक नहीं की जाती. अगर समय रहते चेतावनी व्यवस्था होती तो 8 लोगों की जान बच सकती थी. फिलहाल प्रशासन स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटा है.

आदेश में कहा गया है कि दिनांक 19 सितंबर को मंदिर के सामने स्थित नाले की पुलिया से कार बह जाने से आठ व्यक्तियों की असमय दुखद मृत्यु हो गई थी. जिसमें प्रथम दृष्टया मंदिर प्रबंध समिति के पार्किंग क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात कुल 12 अस्थायी कर्मचारियों की लापरवाही पाई गई है. उन्हें तत्काल प्रभाव से मंदिर प्रबंध समिति के कार्य से पृथक किया जाता है. इसमें तंवर सिंह, युवराज सिंह, जितेन्द्र सिंह, हितेश गवली, हेमंत लोहार, कृष्णपाल सिंह, अजय, संजय धाकड़, विकास गहलोत, रवि पुष्पद, संजू सूर्यवंशी और अंकित बैरागी शामिल हैं.

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एससीएच/एबीएम