
नई दिल्ली, 2 नवंबर . एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने वायुसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद अपने पहले दौरे के तहत एक अग्रिम वायुसेना अड्डे का दौरा किया. खास बात यह है कि वह पहले इस वायुसेना के एयरबेस की कमान स्वयं संभाल चुके हैं. भारतीय वायुसेना के प्रमुख ने अपने दौरे के दौरान एयरबेस की अभियान संबंधी तैयारियों और ऑपरेशनल क्षमताओं की समीक्षा की है.
एयर चीफ अशुतोष दीक्षित ने यह भी जाना कि एयरबेस मिशनों को पूरा करने के लिए किस हद तक तैयार है. एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने एयरबेस पर उपलब्ध परिचालन क्षमताओं, संसाधनों और तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया कि जरूरत पड़ने पर एयरबेस निर्धारित अभियानों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने में सक्षम रहे.
इस दौरान वायुसेना प्रमुख ने अग्निवीरवायु से भी बातचीत की. इनमें महिला अग्निवीर वायु भी शामिल थीं. उन्होंने अग्निवीर वायु से संवाद करते हुए वायुसेना की युद्धक क्षमता और अभियान संबंधी प्रभावशीलता को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने महिला अग्निवीर वायु सहित सभी अग्निवीर वायु के योगदान को वायुसेना की परिचालन तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया.
वायुसेना प्रमुख का यह दौरा अग्रिम मोर्चे पर तैनात वायुसेना कर्मियों के साथ उनके सीधे जुड़ाव और परिचालन परिस्थितियों से लगातार संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. दौरे के दौरान उनका ध्यान एयरबेस की तैयारियों के साथ-साथ वहां तैनात उन पुरुष और महिला कर्मियों पर भी रहा, जो वायुसेना के विभिन्न अभियानों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
बता दें कि भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख, एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वायुसेना ‘वायु’ के चार सूत्रों पर काम करेगी. वायुसेना प्रमुख ने अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट कर दीं. एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अपनी प्राथमिकताओं को ‘वायु’ नाम के चार सूत्रों में बांटा है. इनमें सतर्कता और तत्परता, आत्मनिर्भरता, नवाचार और एकजुट प्रयास शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वायुसेना की लड़ाकू ताकत को तय स्तर तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी.
नए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं. इसके साथ ही नई तकनीकों और प्रणालियों के कारण युद्ध का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है. इनमें ड्रोन, लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियार, अंतरिक्ष, साइबर, एआई जैसी तकनीकें शामिल हैं.
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जीसीबी/डीकेपी