
लखनऊ, 24 सितंबर . समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा और उत्तर प्रदेश में पोस्टर को लेकर सियासत तेज हो गई है. रायबरेली में ‘सपा’ नेताओं ने रथ यात्रा से पहले जगह-जगह पोस्टर और होर्डिंग लगाए हैं, जिसमें अखिलेश यादव को भगवान राम और कृष्ण के रूप में दिखाया गया है.
इस पर उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने निशाना साधा. उन्होंने से कहा, “सपा को उत्तर प्रदेश की जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि वे पीडीए के तौर पर किसे बता रहे हैं. आज तक समाजवादी पार्टी पीडीए को परिभाषित नहीं कर पाई है. जहां तक हम समझ रहे हैं, वे चोला बदलकर जनता को ठगने जा रहे हैं. हालांकि जनता उनको बहुत अच्छी तरीके से जानती और पहचानती है. 2027 के विधानसभा चुनाव में उनकी दाल नहीं गलने वाली है.”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “इसका कोई महत्व नहीं है. वे बस समय बिता रहे हैं. चुनाव नजदीक हैं, इसलिए उन्हें कुछ तो करना ही है. उन्हें पता है कि समाजवादी पार्टी का क्या हश्र होने वाला है लेकिन वे बस समय काटने के लिए ऐसा कर रहे हैं.”
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने अखिलेश यादव के पोस्टरों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “जिन लोगों ने प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, आज उनके पोस्टर लगाकर राम के अवतार बताए जा रहे हैं, मैं समझता हूं कि इससे भी शर्मनाक बात किसी भी राजनीतिक दल के लिए नहीं हो सकती. अखिलेश यादव की तुलना राम और हनुमान से करना बिल्कुल गलत है.”
भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक वाजपेयी ने भी रायबरेली में पीडीए यात्रा से पहले अखिलेश यादव को भगवान कृष्ण, भगवान राम और हनुमान का आशीर्वाद लेते हुए दिखाने वाले पोस्टरों पर प्रतिक्रिया दी. अशोक वाजपेयी ने कहा, “जिस तरीके से पीडीए अपना रंग बदल रहा है, ठीक वैसे ही वे अपने रंग बदल रहे हैं. पोस्टर लगाने वाली बात सिर्फ दिखावा है. यूपी की जनता सब जानती है. प्रदेश की जनता जानती है कि पीडीए के नाम पर किस तरह से भ्रम फैलाने का काम किया जा रहा है. केवल पोस्टर पर तस्वीर छाप देने से कोई राम और कृष्ण नहीं बन सकता है, श्रद्धा भी होनी चाहिए. यूपी में योगी के नेतृत्व में फिर से भाजपा की सरकार बनने जा रही है.”
बता दें कि रायबरेली में अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा से पहले लगाए गए इन पोस्टरों को लेकर अब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
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वीकेयू/पीएम