‘हैवान’ में विलेन बनेंगे अक्षय कुमार, इन फिल्मों में नेगेटिव रोल से भी बटोर चुके हैं सुर्खियां

मुंबई, 8 सितंबर . भारतीय सिनेमा में एक ऐसा दौर भी था, जब अभिनेता को उनके किरदारों के साथ बांध दिया जाता था, लेकिन अब समय बदल रहा है और अभिनेता हर जॉनर में अपने हाथ फैला रहे हैं. इसी कड़ी में अक्षय कुमार क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ में खलनायक की भूमिका निभाते नजर आएंगे. ऐसा पहली बार नहीं है जब वे खलनायक की भूमिका अदा करते नजर आएंगे. इससे पहले भी वह कुछ फिल्मों में विलेन के रोल से फैंस को चौंका चुके हैं.

अक्षय कुमार ने अपने लंबे फिल्मी करियर में मुख्य रूप से एक एक्शन और कॉमिक हीरो के रूप में पहचान बनाई है, लेकिन उन्होंने कई फिल्मों में खतरनाक खलनायक (विलेन) या नेगेटिव किरदार भी निभाए हैं.

अफलातून (1997): एक्शन कॉमेडी ड्रामा फिल्म में अभिनेता ने दोहरी भूमिका यानी राजा और रॉकी का किरदार निभाया था. राजा, एक छोटा-मोटा चोर होता है, जो पैसों के लिए तरह-तरह के जुगाड़ करता रहता है. वह पूजा (उर्मिला मातोंडकर) से प्यार करने लगता है और उसके पिता का दिल जीतने की कोशिश करता है, जबकि रॉकी एक खतरनाक और बेरहम कातिल होता है, जो शक्ल से बिल्कुल राजा जैसा दिखता है. रॉकी राजा को ब्लैकमेल करता है और उसकी जिंदगी में उथल-पुथल मचा देता है.

खिलाड़ी 420 (2000): एक्शन-थ्रिलर फिल्म में अक्षय कुमार ने एक बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण डबल रोल निभाया था. इस फिल्म में उनके दो किरदारों के नाम देव कुमार मल्होत्रा और आनंद कुमार मल्होत्रा थे. देव एक शातिर, धोखेबाज और कर्ज में डूबा हुआ ठग (कॉन्मैन) होता है. वह बाहर से एक सफल और सभ्य बिजनेसमैन दिखने का नाटक करता है और अमीर बिजनेसमैन श्याम प्रसाद भारद्वाज की इकलौती बेटी रितु (महिमा चौधरी) को अपने प्यार के जाल में फंसा लेता है. उससे शादी कर लेता है और बाद में रितु के पिता को मारकर उसकी संपत्ति को हथियाने की कोशिश करता है, जब रितु को इसका पता चलता है, तो वह आत्मरक्षा में देव की हत्या कर देती है, जब आनंद को अपने भाई देव के काले कारनामों और रितु की बेगुनाही का पता चलता है, तो वह रितु की मदद करने का फैसला करता है.

अजनबी (2001): सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में अक्षय कुमार ने ‘विक्रम बजाज’ (विक्की) नाम का एक बेहद चालाक और नकारात्मक किरदार निभाया था. इस दमदार अभिनय के लिए अक्षय कुमार को उनके करियर का पहला फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड भी मिला था.

वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा (2013): इस फिल्म में अभिनेता ने शोएब खान नाम के अंडरवर्ल्ड डॉन का किरदार निभाया था. यह फिल्म साल 2010 की फिल्म ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ का सीक्वल है, जिसमें शोएब का युवा किरदार पहले इमरान हाशमी ने निभाया था.

इस सीक्वल में वह अपने मेंटर (गुरु) सुल्तान मिर्जा की हत्या करके मुंबई का सर्वेसर्वा और सबसे शक्तिशाली डॉन बन चुका है. शोएब खान के रूप में अक्षय कुमार के किरदार का प्रभाव मिला-जुला और थोड़ा कमजोर रहा था.

2.0 (2018): इसमें अक्षय कुमार ने पक्षीराजन (डॉ. रिचर्ड / पक्षी राजन) नाम के एक वैज्ञानिक और विलेन का किरदार निभाया था. पक्षीराजन एक प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिप्रेमी थे, जिनका जीवन पक्षियों की रक्षा और उनकी देखरेख के लिए समर्पित था. फिल्म में उनका यह किरदार असल जिंदगी के मशहूर ‘बर्डमैन ऑफ इंडिया’ सलीम अली से प्रेरित था. इस खतरनाक और अनोखे लुक को पाने के लिए अक्षय कुमार को रोजाना 4 से 6 घंटे तक प्रोस्थेटिक मेकअप करवाना पड़ता था.

एनएस/वीसी