
श्रीनगर, 5 अगस्त . जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की 7वीं बरसी पर सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने बुधवार को अमरनाथ यात्रा को रोक दिया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.
सूत्रों ने बताया कि घाटी की ओर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है और यात्रा पूरी करके घर लौट रहे यात्रियों के किसी भी काफिले को जम्मू की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि, यात्रियों को उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप से पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने की अनुमति दी गई.
बता दें कि विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की बरसी पर पूरे जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है, जिसमें विशेष दर्जा बहाल करने और राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की गई है. प्रस्तावित जिला-वार विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ पीडीपी ने 15 मिनट के सांकेतिक ब्लैकआउट का भी प्रस्ताव दिया है.
अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाई, आवाजाही पर रोक लगाई और औपचारिक विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया. रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सहित कई वरिष्ठ नेताओं को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से रोकने के लिए नजरबंद कर दिया गया है.
पीडीपी मुख्यालय और संवेदनशील इलाकों के आसपास पुलिस और सीआरपीएफ को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की समस्याओं के कारण प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति पहले ही नहीं दी है.
गौरतलब है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने संसद के जरिए 5 अगस्त 2019 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त किया. इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर का विशेष स्वायत्त दर्जा भी रद्द कर दिया गया. वहीं, केंद्र सरकार ने राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित किया.
दिलचस्प है कि जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रही है, लेकिन अनुच्छेद 370 के पक्ष में आवाज उठा रही पीडीपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की मांग का विरोध किया है.
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डीसीएच/