
उत्तराखंड, 28 जुलाई . उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता, शांत वातावरण और प्राकृति सुंदरता से हर किसी को अपनी ओर खींचता है. सावन माह के पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया के जरिए मंदिर की भव्यता का बखान किया है.
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंदिर का वीडियो जारी करते हुए लिखा, “नैनीताल जिले में स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है. यह मंदिर अपनी आस्था, आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. चारों ओर हरियाली और पहाड़ों से घिरा यह पवित्र स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है. अगर आप नैनीताल जिले की यात्रा पर जा रहे हैं, तो मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन जरूर करें. यहां का शांत वातावरण और मनमोहक प्राकृतिक नजारा आपकी यात्रा को यादगार बना देगा.”
समुद्र तल से लगभग 2,312 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसकी स्थापना पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान की थी. उनके अनुसार, महाभारत काल में अपने 12 वर्ष के वनवास के दौरान पांडवों ने भगवान शिव की आराधना करते हुए इस मंदिर का निर्माण कराया था. माना जाता है कि उन्होंने अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त करने की कामना से यहां भगवान शिव की पूजा की थी. आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस पवित्र मंदिर के दर्शन के लिए यहां आते हैं.
मंदिर के अंदर भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा की प्रतिमाएं स्थापित हैं. इसके साथ ही यहां सफेद संगमरमर से बना शिवलिंग भी है, जिसके साथ तांबे की योनि स्थापित है. धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है.
ऐसा विश्वास है कि यहां भगवान शिव के दर्शन करने से भक्तों को मोक्ष या मुक्ति मिलती है, इसी कारण इस जगह का नाम ‘मुक्तेश्वर’ पड़ा. मंदिर तक पहुंचने के लिए पत्थरों को काटकर बनाई गई सीढ़ियों से गुजरना पड़ता है, जो इस यात्रा को और भी रोमांचक बना देती हैं. मंदिर परिसर में एक प्राचीन घंटी भी टंगी हुई है, जिसे बजाकर भक्त अपनी मन्नतें मांगते हैं.
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एनएस/पीएम