
वाशिंगटन, 20 अगस्त . ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के मिड-अटलांटिक क्षेत्र में बिजली कटौती का खतरा कम करने के लिए आपातकालीन संघीय अधिकार का इस्तेमाल किया है. यह इलाका 13 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में करीब 6.5 करोड़ लोगों को बिजली सप्लाई करता है.
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बुधवार को स्थानीय समय के अनुसार फेडरल पावर एक्ट की धारा 202(सी) के तहत यह आपात आदेश जारी किया. इसके तहत मैरीलैंड में स्थित एक पावर यूनिट को निर्धारित सीमा से ज्यादा चलाने की इजाजत दी गई है, ताकि बढ़ती बिजली मांग को पूरा किया जा सके.
आदेश के मुताबिक पीजेएम इंटरकनेक्शन, टैलन एनर्जी कॉरपोरेशन के साथ मिलकर मैरीलैंड के एनी अरुंडेल काउंटी में वागनर जनरेटिंग स्टेशन की यूनिट 4 को संचालित करेगा.
पीजेएम मिड-अटलांटिक क्षेत्र में बिजली सप्लाई को समन्वित करने वाली क्षेत्रीय ट्रांसमिशन संस्था है. पीजेएम ने संघीय हस्तक्षेप की मांग की थी क्योंकि उसे ज्यादा मांग वाले समय में इस यूनिट की जरूरत पड़ने की उम्मीद है.
क्रिस राइट ने कहा, “6.5 करोड़ अमेरिकियों के लिए बिजली की कमी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. मिड-अटलांटिक क्षेत्र में पहले के आदेशों से लाइटें चालू रखने में मदद मिली है और मुझे भरोसा है कि यह आदेश आने वाले महीनों में भी ऐसा ही करेगा.”
उन्होंने कहा, “आज का आदेश ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने की तत्काल जरूरत को अस्थायी रूप से पूरा करने में मदद करेगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि मिड-अटलांटिक क्षेत्र के लोगों को धूप हो या हवा चले, सस्ती, भरोसेमंद और सुरक्षित बिजली मिलती रहे.”
ऊर्जा विभाग ने बताया कि यह आपात आदेश 20 अगस्त से 17 नवंबर तक प्रभावी रहेगा. इसका मकसद ग्रिड को मजबूत करना और बिजली की कमी के खतरे को कम करना है.
पीजेएम ने विभाग से वागनर यूनिट 4 को मौजूदा सीमा से ज्यादा चलाने की अनुमति मांगी थी. उनका कहना था कि ज्यादा बिजली खपत के दौरान इस सुविधा की जरूरत बनी रहेगी.
यह आदेश ऐसे समय आया है जब अमेरिका के बिजली नेटवर्क पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. इसकी वजहें मौसम, पुराने पावर प्लांटों का बंद होना और डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम तथा मैन्युफैक्चरिंग प्लांटों से बिजली की मांग में तेजी से इजाफा हैं.
मिड-अटलांटिक क्षेत्र में देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर केंद्रित हैं. खासकर उत्तरी वर्जीनिया इंटरनेट और क्लाउड-कंप्यूटिंग ट्रैफिक को प्रोसेस और स्टोर करने वाली सुविधाओं का बड़ा वैश्विक हब बन गया है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बढ़ने के साथ टेक कंपनियां नए डेटा सेंटरों में अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं. इन सुविधाओं को कंप्यूटिंग उपकरणों और कूलिंग सिस्टम के लिए बड़ी और बिना रुके बिजली चाहिए.
बढ़ती बिजली खपत के कारण संघीय और राज्य अधिकारियों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन का ढांचा नियोजित विकास के साथ कदम मिला पाएगा.
फेडरल पावर एक्ट की धारा 202(सी) ऊर्जा मंत्री को आपात स्थिति में अस्थायी बिजली उत्पादन या ट्रांसमिशन के निर्देश देने का अधिकार देती है. ऐसे आदेश तब जारी किए जाते हैं जब अधिकारी मानते हैं कि कमी या विश्वसनीयता की समस्या उपभोक्ताओं के लिए खतरा बन सकती है.
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वीकेयू/पीएम