
अमरावती, 30 अक्टूबर . चक्रवात अर्नब से प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आंध्र प्रदेश में प्रयास तेज कर दिए गए हैं.
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि विभिन्न विभाग बिजली, परिवहन और संचार सेवाओं को बहाल करने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं.
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पश्चिम गोदावरी जिले के प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर जाने से पहले राहत और बहाली कार्यों की समीक्षा की.
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बिजली, सड़क और संचार सेवाओं की बहाली में प्रगति हुई है. अन्य राज्यों के सहयोग से बिजली बहाली का काम और तेज किया गया है.
गांव स्तर पर चलाए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक हर जरूरतमंद तक सहायता नहीं पहुंच जाती और सभी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हो जातीं, तब तक पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रखें.
मुख्यमंत्री द्वारा खुद फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के कारण प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है.
आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के क्षेत्र में बिजली से वंचित 5,404 गांवों में से 4,881 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है.
आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड क्षेत्र के 552 प्रभावित सब-स्टेशनों में से 513 को फिर से चालू कर दिया गया है. लगभग 93 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और 39 सब-स्टेशन अभी भी बहाल किए जाने बाकी हैं.
अधिकारियों के अनुसार, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और एलुरु जिलों के सभी प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई है.
सबसे ज्यादा प्रभावित कोनसीमा क्षेत्र में 316 में से 87 गांवों में बिजली बहाल की गई है, जबकि पश्चिम गोदावरी में 318 में से 154 गांवों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू हुई है. इन दोनों जिलों के 393 गांवों में अभी बिजली बहाल होना बाकी है.
कृष्णा जिले में आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड क्षेत्र के 915 प्रभावित गांवों में से 867 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है.
मोबाइल संचार सेवाओं की बहाली में भी प्रगति हुई है. विभिन्न सेवा प्रदाताओं के 1,045 प्रभावित मोबाइल टावरों में से 661 को चालू कर दिया गया है, जबकि 384 टावरों की बहाली अभी बाकी है.
सड़क एवं भवन विभाग की सड़कों पर गिरे 2,270 पेड़ों को हटाया जा चुका है. केवल कोनसीमा जिले में ही 1,334 पेड़ हटाकर रास्ते साफ किए गए हैं.
सड़क एवं भवन विभाग की सड़कों पर 137 स्थानों पर यातायात बाधित हुआ था. इनमें से 119 स्थानों पर अब आवाजाही बहाल कर दी गई है.
अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के कारण कुल 2,425.45 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं.
जल संसाधन विभाग के अंतर्गत 100 स्थानों पर अस्थायी मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है. इनमें 78 प्रभावित तालाब और 22 नहरें शामिल हैं.
16 जिलों में 3,52,254 हेक्टेयर कृषि फसलें जलभराव से प्रभावित हुई हैं. वहीं, 23,211 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है.
एक आधिकारिक नोट के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच हुई बारिश से राज्य में लगभग 380 टीएमसी पानी आया है. बाढ़ का पानी अभी भी लगातार आ रहा है.
कुशल जल प्रबंधन के जरिए जलाशयों में अतिरिक्त 4.68 टीएमसी पानी संग्रहित किया गया है और 5 से 6 टीएमसी अतिरिक्त पानी संग्रहित करने की संभावना भी है.
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एएमटी/डीकेपी