जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में एक और गिरफ्तारी, पटना का राजन कुमार पकड़ा गया

रांची, 7 सितंबर . झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और अनियमितता के मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष जांच टीम ने सोमवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान पटना निवासी राजन कुमार के रूप में हुई है. उस पर मामले में बिचौलिये की भूमिका निभाने का आरोप है.

अपराध अनुसंधान विभाग के अनुसार, पहले गिरफ्तार आरोपियों और कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान राजन कुमार का नाम सामने आया था. पूछताछ से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विशेष जांच टीम ने उसकी भूमिका की जांच शुरू की. मामले से उसके कथित जुड़ाव के सुराग मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद टीम उससे पूछताछ कर रही है.

जांच एजेंसी को उम्मीद है कि राजन से पूछताछ में प्रश्नपत्र लीक मामले से जुड़े अन्य लोगों और कथित नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है. इस मामले में विशेष जांच टीम ने रविवार को पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी से सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया था. आरोप है कि कुंदन ने प्रश्नपत्र लीक गिरोह को पैसे दिए थे. कुंदन मूलरूप से डुमरी का रहने वाला है और वर्तमान में गुमला जिले के सिसई में पदस्थापित था.

जांच के अनुसार, कथित प्रश्नपत्र लीक गिरोह ने आईसीएन के मिथिलेश सिंह से प्रश्नपत्र हासिल किए थे. इसके बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए गए. अपराध अनुसंधान विभाग के अनुसार, मामले में 125 से अधिक अभ्यर्थी जांच के दायरे में हैं. इनमें 28 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले नेपाल ले जाने और वहां 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाने का आरोप है. इनमें से 120 प्रश्न कथित तौर पर मुख्य परीक्षा में हूबहू पूछे गए थे.

जांच एजेंसी संदिग्ध अभ्यर्थियों और आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल विवरण तथा बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, किसी अभ्यर्थी की कथित धांधली में संलिप्तता की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी प्रभावित हो सकती है.

एसएनसी/डीकेपी