दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशीले पदार्थों की अंतरराज्यीय सप्लाई चेन का किया भंडाफोड़

नई दिल्ली, 20 जून . पूर्वी जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अंतर-राज्यीय नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया है. ओडिशा के अलग-अलग जिलों में पीछा करने के बाद ओडिशा की सीमा से मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया. आरोपी के पास से कुल 22.450 किलोग्राम ‘गांजा’ बरामद किया गया.

दिल्ली पुलिस की ओर से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. अभियान में तेजी लाने के लिए एएनएस स्टाफ ने स्थानीय मुखबिरों को जागरूक करके और ह्यूमन इंटेलिजेंस (मानवीय सूचना) इकट्ठा करके गंभीर प्रयास शुरू किए.

पूर्वी जिले के एएनएस को 3 जून को गुप्त सूचना मिली कि सोनू नाम का एक व्यक्ति दिल्ली और आसपास के इलाकों में गांजे की तस्करी और सप्लाई में शामिल था और सप्लाई के लिए भारी मात्रा में गांजा लेकर निकला है. पुलिस ने जाल बिछाकर सोनू कुमार को पकड़ लिया. उसकी कार की तलाशी लेने पर 2 बैग में 22 किलो 450 ग्राम गांजा मिला.

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में ओडिशा के रहने वाले आरोपी देबा मंडी को भी गिरफ्तार किया गया. नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन से जुड़े आगे के लोगों का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है. नशीले पदार्थों के पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच चल रही है.

पूछताछ के दौरान, आरोपी देबा मंडी ने बताया कि उसका गांव जंगल वाले इलाके में है. जंगली इलाके में उसने “गांजा” उगाना शुरू कर दिया और ब्राउन टेप वगैरह से इसके पैकेट बनाने लगा. उसने दिल्ली-एनसीआर में “गांजा” सप्लाई करना शुरू कर दिया.

आरोपी देबा मंडी ने यह भी बताया कि 2018 में उसे मध्य प्रदेश के शहडोल से तहत गिरफ्तार किया गया था. उसे 3 साल की जेल हुई थी. 2022 में जेल से बाहर आने के बाद, उसने शुरू में मजदूरी का काम किया, लेकिन फिर से गांजा सप्लाई करने के काम में लग गया. 1 साल पहले, वह ड्रग्स के धंधे से जुड़े लोगों के संपर्क में आया.

एसडी/पीएम