
कोलकाता, 23 अगस्त . पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों के बीच बवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में पहले देश विरोधी नारे लगाए जाते थे और गैर-कानूनी गतिविधियां हो रही थीं, लेकिन अब यह नहीं चलेगा.
मंत्री दिलीप घोष ने रविवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जादवपुर विवाद के बारे में यह पहली बार नहीं है, जब ऐसा हो रहा है. वहां देश विरोधी नारे लगाए जाते थे और गैर-कानूनी गतिविधियां हो रही थीं. वहां ड्रग्स-गांजा सबका अड्डा बना हुआ था. इस बारे में पहले से ही सब जानते थे. वहां केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल का अपमान हुआ, उस पर कोई कुछ नहीं बोलता था. अब जादवपुर में यह नहीं चलेगा.”
दिलीप घोष ने कहा कि पुलिस को वहां की कानून व्यवस्था देखनी चाहिए. प्रशासन को भी कैंपस के अंदर की स्थितियों को संभालना चाहिए.
इसी बीच, ‘वंदे मातरम’ विवाद पर मंत्री दिलीप घोष ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरा ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया. ऐसा इसलिए कि उन्हें पूरा ‘वंदे मातरम’ याद ही नहीं है. अब विवाद को लेकर उन्हें भुगतना होगा.
घोष ने कहा, “कांग्रेस ने आज तक ‘वंदे मातरम’ भी नहीं सीखा. 80 साल हो गए हैं. पहले इसे सीखो फिर बात करो. आपकी कौन सुनेगा? आपने 60 साल तक देश पर राज किया, आपने देश को क्या दिया? आपने इसे गरीब बना दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को उस स्थिति से बाहर निकाला है और इसे आगे ले जा रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ है. कुछ लोगों को सड़कों पर उतारकर आप अव्यवस्था का निर्माण करेंगे तो वह संभव नहीं होगा.
अन्नपूर्णा भंडार योजना पर टीएमसी विधायक कुणाल घोष की टिप्पणी को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “जो भी तय मानदंड को पूरा करेगा, उसे फायदा मिलेगा. टीएमसी ने पुरुषों को भी लक्ष्मी भंडार दे दिया था. इसकी अनुमति किसने दी थी. इसलिए चाहे अन्नपूर्णा भंडार स्कीम हो या आवास योजना, सभी के लिए सर्वे किए जा रहे हैं. आधार कार्ड, वोटर कार्ड और दूसरे दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है. जैसे-जैसे सत्यापन पूरा होगा, सबको सुविधाएं दी जाएंगी.”
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डीसीएच/