असम में सेना का ‘ऑपरेशन जल राहत’ शुरू, बाढ़ से 150 लोगों को बचाया

नई दिल्ली, 21 जुलाई . असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच भारतीय सेना ने राज्य प्रशासन के अनुरोध पर ‘ऑपरेशन जल राहत-3’ शुरू किया है. सेना ने शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तीन विशेष बाढ़ राहत दल तैनात किए हैं.

सेना ने अब तक असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 150 लोगों को बचाया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. सुरक्षित निकले गए इन लोगों में 73 पुरुष, 47 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं. सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान के लिए इंजीनियर टास्क फोर्स की सहायता ली जा रही है. विशेष दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है. ये दल बचाव, निकासी और मानवीय सहायता कार्यों में जुटे हैं.

शिवसागर जिले में सेना के राहत दल गरगांव कॉलेज से अभियान संचालित कर रहे हैं. यहां नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और सहायता पहुंचाने का काम किया जा रहा है. जोरहाट जिले में एक बाढ़ राहत दल मरियानी में तैनात किया गया है. यह दल जिला प्रशासन के साथ समन्वय में जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार है. इसके अलावा एक अतिरिक्त रिजर्व दल भी अल्प सूचना पर तैनाती के लिए रखा गया है.

वहीं, चराइदेव जिले में सोनारी से संचालित सेना के राहत दल लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं. इंजीनियर टास्क फोर्स और त्वरित प्रतिक्रिया दल की मदद से सेना ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से 150 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है. भारतीय सेना राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों को आगे बढ़ा रही है.

सेना ने कहा है कि बचाव अभियान जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों को भी तुरंत तैनात किया जाएगा. प्राकृतिक आपदाओं के समय देशवासियों के साथ खड़े रहना उसकी प्रतिबद्धता है और प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए वह लगातार प्रयास करती रहेगी.

जीसीबी/एसके