‘जैसे जिंदगी खत्म हो गई हो…’, रश्मि देसाई ने जब मां को कर दिया था ब्लॉक, बताया जीवन का सबसे बुरा दौर

मुंबई, 28 मई . टीवी शो ‘तुम हो ना- घर की सुपरस्टार’ के अपकमिंग एपिसोड में अभिनेत्री रश्मि देसाई भावुक नजर आईं. सामने आए प्रोमो में वह अपने जीवन के काले अध्याय के बारे में खुलकर बात करती नजर आईं. रश्मि ने बताया कि एक समय वह अपनी मां से पूरी तरह कट गई थीं और परिवार से भी पूरी तरह से दूर हो गई थीं.

शो के होस्ट राजीव खंडेलवाल के साथ बातचीत में रश्मि ने बताया कि वह उनके जीवन का सबसे बुरा समय था. उन्होंने स्वीकार किया कि उस वक्त उन्हें लगा था कि उनका करियर और जिंदगी सबकुछ खत्म हो चुका है.

रश्मि ने बताया कि उस दौरान उनकी मां से कोई बातचीत नहीं होती थी. उन्होंने उन्हें ब्लॉक कर दिया था और परिवार के किसी सदस्य से संपर्क नहीं था. रश्मि ने बताया, “मुझे लगता था कि अब मेरी जिंदगी यहीं खत्म हो गई है. इस घर से बाहर निकलते ही मेरा करियर चला जाएगा, निजी जिंदगी चली जाएगी. मेरे पास पैसे भी कम थे और न ही मेरे पास कुछ ऐसा था, जिस पर भरोसा किया जा सके.”

उन्होंने नदीम भाई का विशेष रूप से आभार जताते हुए बताया कि उन्होंने उस मुश्किल समय में उनकी बहुत मदद की. रश्मि ने बताया, “निधि, जीविता और नदीम भाई, ये तीन लोग ही थे जो मेरी पूरी हकीकत जानते थे. मैं कभी झूठ नहीं बोलती और न ही कहानियां बनाती हूं. चार साल बाद या दस साल बाद भी मुझसे पूछोगे तो जवाब वही होंगे.”

रश्मि ने इस अनुभव से मिले सबक पर भी बात की. उन्होंने बताया कि गलतियां जीवन का हिस्सा हैं. हम उन्हें बार-बार सोच-सोचकर बड़ा बना लेते हैं. लेकिन, असल में दूसरों की गलतियों से ज्यादा हम अपनी गलतियों से सीखते हैं. रश्मि ने कई महिलाओं को संदेश दिया कि जीवन को फिर से शुरू करना ठीक है. अपनी गलतियों को स्वीकार करें और जो कुछ झेला है, उसे खुलकर कहें.

उन्होंने बताया कि जब सब आपके खिलाफ हों, वही सबसे अच्छा समय होता है. उस वक्त वे लोग जिनकी आपकी जिंदगी में अहमियत नहीं और वैसी ही चीजें अपने आप निकल जाती हैं और सिर्फ वही रह जाते हैं, जो आपके लिए सही हैं.

रश्मि ने बताया कि उनकी मां से बातचीत साल 2020 के फरवरी में उनके जन्मदिन के बाद फिर से शुरू हुई थी. रश्मि ने बताया कि बहुत सारी गलतफहमियां थीं. वह खुद को विद्रोही और बेहद महत्वाकांक्षी लड़की मानती हैं. जब वह कुछ करना चाहती थीं तो उनकी मां डर जाती थीं.

एमटी/एबीएम