उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 में भाजपा 27 सीटें भी नहीं जीत पाएगी : आशुतोष वर्मा

लखनऊ, 14 जुलाई . समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) को लेकर केंद्र सरकार की कार्रवाई, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, इंडिया ब्लॉक और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे कई मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों पर आशुतोष वर्मा ने कहा कि यह सरकार की पहल नहीं, बल्कि Supreme Court की फटकार का परिणाम है. उन्होंने कहा कि जब Supreme Court ने पूछा कि नाबालिगों से जुड़ी अश्लील सामग्री को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कोई नियामक व्यवस्था क्यों नहीं बनाई, तब सरकार अचानक सक्रिय हुई.

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भी सपा प्रवक्ता ने भाजपा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार और भाजपा इस मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए वक्फ बोर्ड का मुद्दा उठा रही है. यह पूरी तरह ‘डायवर्जन पॉलिटिक्स’ है. जनता यह जानना चाहती है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में शामिल ‘बड़ी मछलियां’ कौन हैं और अब तक चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई.

आशुतोष वर्मा ने यह भी कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं, लेकिन इससे पहले चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह इस बात पर भी सवाल उठाए कि Supreme Court ने एसआईटी के गठन और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर कड़े सवाल क्यों उठाए. उन्होंने कहा कि Supreme Court ने पूछा है कि एसआईटी कैसे बनाई गई और उसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.

सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि इस मामले में केवल कुछ छोटे लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. इतने बड़े मामले में कई प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं और Supreme Court के संज्ञान लेने के बाद सच्चाई सामने आएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस नेता इमरान मसूद के हालिया बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में आशुतोष वर्मा ने कहा कि इमरान मसूद इंडिया ब्लॉक या कांग्रेस के संगठनात्मक फैसले लेने वाले नेता नहीं हैं, जिस तरह समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव फैसले लेते हैं. उन्होंने कहा कि इमरान मसूद अक्सर सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देते रहते हैं.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव मिलकर एक मजबूत विपक्ष की तरह चुनाव लड़ने जा रहे हैं, तो इस तरह के बातों का कोई मतलब नहीं रह जाता.

बता दें कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए बयान दिया कि सपा किसी भी ऐसे मुस्लिम नेता को बर्दाश्त नहीं कर सकती जो अपनी बात दमदारी से रखता हो.

इंडिया ब्लॉक में सीट बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों को भी सपा प्रवक्ता ने खारिज किया. उन्होंने कहा कि गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है. ऐसी खबरें केवल भ्रम फैलाने के लिए चलाई जा रही हैं. उन्होंने दावा किया परेशानी उनके दिल में हैं, जो 2024 के बाद से इंडिया ब्लॉक से गए है. इसलिए कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों दल मिलकर अगर चुनाव लड़ें तो भाजपा को 2027 में 27 सीटें भी नहीं मिल पाएगी. भाजपा खुद जानती है कि वह चुनाव से पहले ही हार गई है, इसलिए सपा और कांग्रेस में लड़ाई लड़वाने की काम कर रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेगी और भाजपा को हराएगी.

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि यह कोई नया विचार नहीं है, क्योंकि 1952 के बाद कई वर्षों तक देश में एक साथ चुनाव होते रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत की संघीय व्यवस्था में कई बार विधानसभा समय से पहले भंग हो जाती है या मध्यावधि चुनाव कराने पड़ते हैं. ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि यदि किसी राज्य में सरकार गिर जाती है या राष्ट्रपति शासन लागू हो जाता है तो उस स्थिति में क्या व्यवस्था होगी. उन्होंने कहा कि असली मुद्दा केवल ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ नहीं, बल्कि उसकी व्यावहारिक रूपरेखा और उसे लागू करने की प्रक्रिया पर गंभीर चर्चा होना चाहिए.

वीकेयू/पीएम