
गुवाहाटी, 18 सितंबर . असम के उदलगुरी जिले में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के एक सदस्य को एक मामले में जमानत दिलाने के बदले कथित तौर पर 15 हजार रुपए मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
आरोपी की पहचान भूपेन चंद्र पेगू के रूप में हुई है. जिले के माजबाट पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत की जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया.
पुलिस के बयान के अनुसार, 29 अगस्त को एक शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भूपेन चंद्र पेगू ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में जमानत की प्रक्रिया के सिलसिले में 15 हजार रुपए मांगे थे.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज किया है. यह धारा जबरन वसूली से संबंधित है.
अधिकारियों ने शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की है. जिस ट्रिब्यूनल मामले में कथित तौर पर पैसे की मांग की गई थी, उसके बारे में भी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.
यह गिरफ्तारी नागरिकता से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली अर्ध-न्यायिक व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी पर लगे वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच के बाद हुई है.
फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ऐसे मामलों की जांच के लिए बनाए गए हैं, जिनमें किसी व्यक्ति के विदेशी होने का संदेह होता है. ये ट्रिब्यूनल सबूतों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय करते हैं कि उनके पास भेजा गया व्यक्ति भारतीय नागरिक है या विदेशी.
जमानत के बदले कथित तौर पर पैसे मांगने के मामले ने उन कार्यवाहियों की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जिनमें लोगों की नागरिकता की जांच की जाती है.
हालांकि, भूपेन चंद्र पेगू पर लगे आरोपों की अभी जांच चल रही है और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है. पुलिस ने अब तक जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के बारे में और जानकारी जारी नहीं की है. यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामले में अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है या नहीं.
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब असम में नागरिकता तय करने से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर लगातार नजर बनी हुई है. इन मामलों में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
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एएमटी/एबीएम