
गुवाहाटी, 28 जुलाई . असम के संसदीय मामलों के मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य सरकार की सख्त पुलिसिंग नीति का बचाव किया. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अपराधियों, जिनमें साइबर अपराधी भी शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की इजाजत दी जानी चाहिए.
सदन में चर्चा के दौरान पीयूष हजारिका ने विपक्ष की आलोचना की. उन्होंने कहा कि विपक्ष एक तरफ तो अपराध रोकने के लिए कड़े कदमों की मांग करता है लेकिन दूसरी तरफ आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाता है.
उन्होंने कहा, “जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाती है, तो विपक्ष आपत्ति जताता है. अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का विरोध क्यों किया जाना चाहिए.”
उन्होंने आरोप लगाया कि कई अपराधियों ने ऑपरेशन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किया और हिरासत से भाग निकले, इसलिए गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस का सख्ती से पेश आना जरूरी हो गया है.
हजारिका ने कहा, “कई अपराधी पुलिसकर्मियों पर हमला करके भाग जाते हैं. जब पुलिस ऐसे अपराधियों को सबक सिखाने की कोशिश करती है, तो विपक्ष उस कार्रवाई की आलोचना करने लगता है.”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में पुलिस को पूरा समर्थन देती रहेगी.
साइबर अपराध के बढ़ते खतरे का जिक्र करते हुए हजारिका ने घोषणा की कि असम सरकार अब साइबर अपराधियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाएगी.
उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है; ऑनलाइन वित्तीय घोटालों और डिजिटल अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे पूरे राज्य में लोग प्रभावित हो रहे हैं.
मंत्री ने कहा, “अब असम में साइबर अपराधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ड्रग्स के धंधेबाजों की तरह साइबर अपराधियों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए.”
पीयूष हजारिका का यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम सरकार ने संगठित अपराध के विभिन्न रूपों, खासकर ड्रग्स की तस्करी, अवैध गतिविधियों और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.
हाल के वर्षों में राज्य पुलिस ने ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ कई ऑपरेशन चलाए हैं और सरकार ने अपराध के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति पर बार-बार जोर दिया है.
उन्होंने कहा कि अपराधियों को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून का सख्ती से पालन जरूरी है. उन्होंने कहा कि पारंपरिक अपराधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपराध करने वालों के बीच कोई फर्क नहीं किया जाएगा.
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एससीएच/पीएम