बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले, कई इलाकों में हिंसक घटनाएं

क्वेटा, 2 नवंबर . पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार को सुरक्षा बलों पर कई हमले होने की खबरें सामने आई हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नुश्की और खारान जिलों में अलग-अलग घटनाओं में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.

रिपोर्टों के मुताबिक, नुश्की जिले के अहमद वाल क्षेत्र में सशस्त्र हमलावरों ने पैदल और वाहनों में यात्रा कर रहे सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाया. वहीं, खारान जिले में एक सैन्य वाहन विस्फोट की चपेट में आ गया. स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इलाके में बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण सुरक्षा बलों की आवाजाही प्रभावित हो रही है.

ये घटनाएं खारान के लिजाय क्षेत्र में एक दिन पहले हुई झड़पों के बाद सामने आई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, उस दौरान एक सैन्य वाहन विस्फोट से टकरा गया था, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हो गए. झड़पों के दौरान एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन गिराए जाने का भी दावा किया गया.

हालांकि, ताजा हमलों की जिम्मेदारी किसी संगठन ने तत्काल नहीं ली है. इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने दावा किया है कि उसने अक्टूबर महीने के दौरान बलूचिस्तान में 25 अलग-अलग अभियानों में 129 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मियों को मारने तथा 30 से ज्यादा लोगों को गंभीर रूप से घायल करने की कार्रवाई की.

रविवार को जारी अपनी मासिक रिपोर्ट में बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने कहा कि इन कार्रवाइयों में ग्वादर जिले में चलाया गया ‘ऑपरेशन अलमास’ भी शामिल था. संगठन का दावा है कि इस अभियान में 80 से अधिक सैन्य और खुफिया कर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए.

बीएलएफ ने दावा किया कि ग्वादर में सैन्य बैरकों, खुफिया ठिकानों और बख्तरबंद वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि एक पुलिस स्टेशन पर भी कब्जा कर लिया गया.

संगठन के अनुसार, अक्टूबर के दौरान उसने सात सैन्य चौकियों, छह शिविरों, दो खुफिया ठिकानों और 11 सैन्य काफिलों पर हमले किए. साथ ही तीन बार प्रमुख सड़कों को भी बंद किया गया. बीएलएफ ने दावा किया कि उसने 14 सैन्य वाहन, दो निगरानी ड्रोन, पांच क्वाडकॉप्टर, एक निगरानी कैमरा और एक मोबाइल टावर नष्ट किया.

संगठन ने कहा कि उसने 15 व्यावसायिक ट्रेलरों और ट्रकों को नुकसान पहुंचाया, जिन्हें उसने सरकारी परियोजनाओं से जुड़ा बताया. इसके अलावा एक सरकारी वाहन कब्जे में लेने का भी दावा किया गया.

अलग से, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने रविवार सुबह कच्छी जिले के सन्नी क्षेत्र में स्थित पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर कब्जा कर लिया.

संगठन के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने एक बयान में कहा, “स्वतंत्रता सेनानियों ने शिविर पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया और 12 दुश्मन कर्मियों को मार गिराया.” उन्होंने दावा किया कि बाकी सैनिक क्षेत्र छोड़कर भाग गए. उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के दौरान सन्नी कस्बे, पुलिस स्टेशन और कई सरकारी इमारतों पर भी उनका नियंत्रण हो गया.

इसके अलावा बीआरजी ने सोमवार को यह दावा भी किया कि उसके लड़ाकों ने पंजाब प्रांत के रहीम यार खान जिले के बाला चौक के पास एक गैस पाइपलाइन को विस्फोट से उड़ा दिया. संगठन के अनुसार, यह विस्फोट रविवार रात किया गया. प्रवक्ता ने दावा किया कि लड़ाकों ने डेरा बुगती जिले के सुई क्षेत्र से पंजाब तक गैस ले जाने वाली 36 इंच की पाइपलाइन पर विस्फोटक लगाए थे, जिससे उसे भारी नुकसान पहुंचा.

रिपोर्टों के अनुसार, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से भी सभी दावों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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एवाई/पीएम