बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप: मेंस सिंगल्स में आयुष शेट्टी का अभियान समाप्त, पहले गेम में मौका गंवाने का अफसोस

नई दिल्ली, 20 अगस्त . बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में आयुष शेट्टी का सफर मेंस सिंगल्स के ‘राउंड ऑफ 16’ से आगे नहीं बढ़ सका. गुरुवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शेट्टी को इंडोनेशिया के अल्वी फरहान के हाथों 19-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा.

पहला गेम फाइनल स्कोर से कहीं ज्यादा कड़ा मुकाबला था, जिसमें इंटरवल तक फरहान के पास 11-9 की मामूली बढ़त थी. खेल दोबारा शुरू होने पर इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने धीरे-धीरे बढ़त बनानी शुरू की और स्कोर 18-14 तक पहुंचा दिया. इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने लगातार पांच अंक जीतकर गेम का पासा पलटा और 19-18 से आगे हो गए, लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया.

आयुष शेट्टी ने कहा, “पहले गेम में मुझे मौका मिला था. मैंने अच्छी वापसी की, लेकिन उसे भुना नहीं पाया. दूसरे गेम में वह ज्यादा आत्मविश्वास के साथ खेल रहे थे. उनके शॉट्स वाकई बहुत सटीक थे. जब मुझे मौके मिले, तो मैं सही लाइन नहीं पकड़ पा रहा था. इसी वजह से फर्क पड़ा, लेकिन कुल मिलाकर आज वह बेहतर खिलाड़ी थे. उन्होंने बहुत सब्र के साथ खेला और मैच पर अच्छी पकड़ बनाए रखी. दूसरे गेम में वह निश्चित रूप से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ खेल रहे थे. आज मैं उतना सटीक नहीं खेल पा रहा था. वह नेट के पास ज्यादा दबाव बना रहे थे, जिससे सही लेंथ ढूंढना मुश्किल हो रहा था और मुझसे कुछ गलतियां हो गईं. इन्हीं गलतियों की वजह से आज मैं हार गया.”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उनके विरुद्ध खेलना वाकई मुश्किल है. वह बहुत तेजतर्रार हैं. वह नेट के पास से बहुत दबाव बना रहे थे और मुझे नेट पर अच्छा खेल नहीं दिखाने दे रहे थे. मुझसे कुछ गलतियां हुईं. वह वाकई बहुत सटीक खेल रहे थे; वह हमेशा ही सटीक खेलते हैं. उनके पास कई तरह के वेरिएशन हैं. अभी मेंस सिंगल्स में उनके वेरिएशन सबसे अच्छे हैं, जो उन्हें इतना अच्छा खिलाड़ी बनाता है.”

आयुष शेट्टी वर्ल्ड चैंपियनशिप के साथ अगले महीने आयोजित होने जा रहे एशियन गेम्स पर भी ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने कहा, “हम दोनों के लिए तैयारी कर रहे थे. वर्ल्ड चैंपियनशिप और अब एशियन गेम्स – ये दो बड़े इवेंट हैं. मुझे लगता है कि हम तैयार हैं. बस कुछ रणनीतिक बदलाव करने होंगे. इस मैच से निश्चित रूप से बहुत कुछ सीखने को मिला है. फिलहाल इस मैच को भूलकर एशियन गेम्स पर फोकस करना चाहिए.”

आरएसजी