विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार, बीटेक पास आरोपी करता था ठगी

नोएडा, 24 जून . थाना साइबर क्राइम पुलिस गौतमबुद्धनगर ने एक ऐसे शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो लोगों को हज और उमरा के लिए सस्ते पैकेज पर विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी कर रहा था. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और अभिसूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र से गिरफ्तार किया.

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान तसलीम साद पुत्र जाकिर हुसैन निवासी कृष्णा एन्कलेव, थाना बारादरी, बरेली के रूप में हुई है. 35 वर्षीय आरोपी बीटेक (ईसी) शिक्षित है और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया, फोन कॉल और विभिन्न माध्यमों से लोगों को हज और उमरा यात्रा के लिए बेहद सस्ते पैकेज उपलब्ध कराने का दावा करता था. आकर्षक ऑफर और कम खर्च में विदेश यात्रा का लालच देकर वह लोगों से एडवांस भुगतान करवा लेता था और बाद में संपर्क तोड़ देता था.

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 9 शिकायतें दर्ज हैं. इनमें दिल्ली, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं. जांच में अब तक लगभग 46 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. आशंका जताई जा रही है कि ठगी की वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड, एक प्रचार बैनर तथा ग्राहकों का विवरण दर्ज डाटा डायरी बरामद की है.

बरामद सामान के आधार पर पुलिस आरोपी के नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी धार्मिक यात्रा, विशेषकर हज और उमरा के लिए केवल अधिकृत और सरकारी मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से ही बुकिंग कराएं. सस्ते पैकेज, आकर्षक ऑफर या तत्काल वीजा दिलाने के नाम पर आने वाले अनजान कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया विज्ञापनों से सतर्क रहें.

किसी भी एजेंसी को भुगतान करने से पहले उसके पंजीकरण और वैधता की पूरी जांच अवश्य करें. साथ ही अपनी बैंकिंग जानकारी, पासपोर्ट विवरण और ओटीपी किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें. साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें.

पीकेटी/डीकेपी