बांकीपुर उपचुनाव: निर्दलीय ट्रांसजेंडर उम्मीदवार प्रिया सिन्हा ने भरा नामांकन, सुरक्षा और रोजगार को बनाया मुद्दा

पटना, 13 जुलाई . बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए निर्दलीय ट्रांसजेंडर उम्मीदवार प्रिया सिन्हा ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विकास की कमी का आरोप लगाते हुए भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाना है.

नामांकन के बाद समाचार एजेंसी से खास बातचीत में प्रिया सिन्हा ने कहा कि चुनावी मैदान में कोई ‘धुरंधर’ उम्मीदवार नहीं है. जो लोग वर्षों से राजनीति में हैं, उन्होंने समाज के हित में कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया है. जब महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, छोटे-छोटे बच्चे नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं और गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं, तब समाज के विकास की बात करना बेमानी है. गरीब लोगों से उनके आवास छीने जा रहे हैं और उनके घर तोड़े जा रहे हैं. यदि जनता उन्हें विधानसभा भेजती है तो वह इन सभी मुद्दों को मजबूती से सदन में उठाएंगी. उनकी राजनीति किसी धर्म, वंश या परिवारवाद पर आधारित नहीं है. वह सभी वर्गों के लोगों के लिए काम करना चाहती हैं और जनता ही उनके लिए सर्वोपरि है.

अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए प्रिया सिन्हा ने बताया कि यह उनका पहला चुनाव है. हालांकि, उन्होंने कहा कि संघर्ष उनके जीवन का हिस्सा बचपन से रहा है. वर्षों से वह लोगों के सुख-दुख में शामिल होती रही हैं और हर परिवार के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि मैं राजनीति करने नहीं आई हूं. मैं हर परिवार का सदस्य बनने आई हूं. कोई भी अपने घर में राजनीति नहीं करना चाहता और मैं भी जनता के घर की राजनीति नहीं करूंगी. मेरा काम लोगों की समस्याओं को विधानसभा तक पहुंचाना होगा.

उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जनता उन्हें अपना समर्थन देगी और वह चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचेंगी. जीत के बाद उनकी पहली प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाना होगी. रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं. कई परिवारों में केवल एक व्यक्ति कमाने वाला है, जबकि बाकी लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें.

प्रिया सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी किसी राजनीतिक दल से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरा प्यार मेरी जनता है. लोकतंत्र में जनता ही मालिक होती है और मैं उसी जनता की सेवा करने के लिए चुनाव मैदान में उतरी हूं.

पीएसके